नई दिल्ली: विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप (World Para Athletics Championships 2025) में भारत के लिए गौरव का पल आया, जब हरियाणा के बहादुरगढ़ के एथलीट योगेश कथूनिया (Yogesh Kathuniya) ने पुरुषों की एफ-56 चक्का फेंक स्पर्धा (F56 Discus Throw) में रजत पदक हासिल किया। यह उनके करियर का लगातार चौथा विश्व चैंपियनशिप पदक है, जिसमें यह तीसरा रजत है।
चक्का फेंक में शानदार प्रदर्शन
28 वर्षीय योगेश (Yogesh Kathuniya) ने दूसरे प्रयास में 42.49 मीटर दूर चक्का फेंका और दूसरा स्थान सुनिश्चित किया। मुकाबले में ब्राजील के स्टार एथलीट और विश्व रिकॉर्ड धारक क्लाउडिने बाटिस्टा ने 45.67 मीटर की दूरी तय करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा किया।
बाटिस्टा का दबदबा बरकरार
2019 से लेकर अब तक बाटिस्टा का चैंपियनशिप में दबदबा कायम है। इस बार का स्वर्ण पदक उनके लिए लगातार चौथा रहा। वहीं योगेश ने एक बार फिर अपनी निरंतरता साबित करते हुए सिल्वर पर कब्जा जमाया।
योगेश का पदक संग्रह
- योगेश के नाम अब तक कई बड़ी उपलब्धियां दर्ज हो चुकी हैं।
- 2023 और 2024 की विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी रजत पदक।
- 2021 और 2024 पैरालंपिक खेलों में दो रजत पदक।
- 2019 विश्व पैरा चैंपियनशिप में कांस्य पदक।
- यह उपलब्धियां उन्हें भारत का भरोसेमंद पैरा-एथलीट साबित करती हैं।
जीत पर योगेश की प्रतिक्रिया
घर के मैदान पर मिली इस सफलता के बाद योगेश ने कहा, “अपने देश में पदक जीतने का अनुभव अलग ही होता है। मुझे विश्वास है कि अब पदक का रंग बदलने का समय भी आएगा।” उन्होंने यह भी बताया कि प्रतियोगिता में नियमों की वजह से उन्हें कुछ दिक्कतें आईं। विशेषकर बेल्ट को बहुत कसकर बांधा गया था, जिससे मूवमेंट प्रभावित हुई और दूरी करीब 3-4 मीटर कम रह गई।
अन्य स्पर्धाओं के नतीजे
- चैंपियनशिप के दौरान अन्य इवेंट्स में भी कई रिकॉर्ड टूटे।
- सऊदी अरब के नाईफ अलमसराह ने पुरुषों की 100 मीटर टी 44 दौड़ में 10.94 सेकेंड के समय के साथ नया विश्व रिकॉर्ड बनाया।
- न्यूट्रल पैरा एथलीट डेविड जाटीव ने पुरुषों की 200 मीटर दौड़ टी 35 में स्वर्ण पदक जीता।
- स्पेन के डेविड जोस पिनेडा मेजिया ने 400 मीटर टी20 स्पर्धा में रिकॉर्ड तोड़ते हुए खिताब जीता।
- ट्यूनीशिया के यासीन घारबी ने पुरुषों की 400 मीटर टी 54 दौड़ में चैंपियनशिप रिकॉर्ड बनाकर स्वर्ण पदक हासिल किया।
विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में योगेश कथुनिया का प्रदर्शन भारत के लिए गौरव का विषय है। लगातार चौथा पदक जीतकर उन्होंने न केवल अपनी निरंतरता बल्कि देश की पैरा-एथलेटिक्स शक्ति को भी साबित किया है। आने वाले टूर्नामेंट्स में उनका लक्ष्य निश्चित रूप से स्वर्ण पदक की ओर होगा।



