नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान (India-Pakistan Relations) के बीच संबंध एक बार फिर निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। पहलगाम (Pahalgam Attack) में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसका असर अब खेलों पर भी दिखाई देने लगा है। पहले क्रिकेट, फिर महिला क्रिकेट और अब हॉकी — हर खेल में दोनों देशों के बीच की दूरी साफ झलक रही है।
अगले महीने भारत में होने वाले जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप (Junior Hockey World Cup) से पाकिस्तान ने अपना नाम वापस ले लिया है। इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन (FIH) ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि पाकिस्तान अब इस टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेगा और उसकी जगह किसी अन्य टीम को शामिल किया जाएगा। यह वर्ल्ड कप 28 नवंबर से 28 दिसंबर तक भारत में खेला जाना है।
भारत के ग्रुप में मिली थी जगह
FIH द्वारा जारी ड्रॉ के अनुसार, पाकिस्तान को 24 टीमों वाले इस टूर्नामेंट में भारत, चिली और स्विट्जरलैंड के साथ एक ही ग्रुप में रखा गया था। लेकिन अब पाकिस्तान के हटने के बाद उस ग्रुप की संरचना में बदलाव होगा। यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान ने किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट से पीछे हटने का फैसला किया हो।
इससे पहले भी पाकिस्तान ने राजगीर (बिहार) में हुए हॉकी एशिया कप से नाम वापस ले लिया था, जहां उसकी जगह बांग्लादेश ने ली थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने इस बार भी सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टूर्नामेंट से हटने का निर्णय लिया है।
पहलगाम हमले के बाद बढ़ा तनाव
अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा काफी बढ़ा है। इस हमले के बाद से भारत ने कई स्तरों पर पाकिस्तान का बहिष्कार शुरू कर दिया है। खेलों के क्षेत्र में यह तनाव खुलकर दिख रहा है — क्रिकेट, महिला क्रिकेट और अब हॉकी में।
हाल ही में हुए एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट में भी इसी तनाव के संकेत दिखे थे। भारत ने ट्रॉफी जीतने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन और एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के प्रमुख मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था।
इसके अलावा, पाकिस्तान की महिला क्रिकेट टीम (Women’s World Cup) ने भारत में चल रहे वनडे वर्ल्ड कप के मैच भारत में खेलने के बजाय श्रीलंका में खेलने का फैसला किया।
भारत की नई नीति
पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार ने एक स्पष्ट नीति बनाई है। इस नीति के तहत भारत पाकिस्तान के साथ कोई भी द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेलेगा, हालांकि वह बहु-राष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में पाकिस्तान के खिलाफ खेलता रहेगा।
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने हालांकि कहा था कि पाकिस्तान के लिए टूर्नामेंट के दरवाजे खुले हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में पाकिस्तान का हटना यह दिखाता है कि खेल संबंधों में भी राजनीतिक तनाव गहराता जा रहा है।
पहलगाम हमले के बाद भारत-पाक संबंधों में जो दरार पड़ी थी, वह अब खेल जगत में भी दिखने लगी है। पाकिस्तान का जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप से हटना इस बात का सबूत है कि राजनीतिक और सुरक्षा हालात दोनों देशों के बीच के खेल रिश्तों को भी गहराई से प्रभावित कर रहे हैं।



