नई दिल्ली: भारत ने डेविस कप (Davis Cup 2025) विश्व ग्रुप वन मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्विट्जरलैंड को 3-1 से मात दी और पहली बार डेविस कप क्वालीफायर्स में प्रवेश कर लिया। इस जीत के हीरो बने भारत के स्टार टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल (Sumit Nagal), जिन्होंने निर्णायक मुकाबले में स्विट्जरलैंड के प्रतिभाशाली खिलाड़ी हेनरी बर्नेट (Henry Bernet) को सीधे सेटों में हराकर भारत की जीत पक्की की।
नागल का दमदार प्रदर्शन
शनिवार को खेले गए रिवर्स सिंगल्स में नागल का सामना मौजूदा जूनियर ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन हेनरी बर्नेट से हुआ। नागल ने शुरू से ही दबदबा बनाया और 1-6, 3-6 से स्विस खिलाड़ी को मात दी। इस जीत के साथ भारत ने स्विट्जरलैंड (India vs Switzerland) पर 3-1 की अजेय बढ़त बनाते हुए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।
डबल्स में झटका, लेकिन नागल ने संभाली कमान
इससे पहले शनिवार से पहले खेले गए डबल्स मुकाबले में एन श्रीराम बालाजी और रित्विक बोलीपल्ली की भारतीय जोड़ी याकूब पाल और डोमिनिक स्ट्रेकर से हार गई थी। इस हार से ऐसा लगा कि मेजबान स्विट्जरलैंड वापसी कर सकता है, लेकिन नागल की शानदार जीत ने सभी आशंकाओं को खत्म कर दिया।
शुरुआती बढ़त से बना आत्मविश्वास
श्रृंखला की शुरुआत में ही भारत ने बढ़त बना ली थी। शुक्रवार को खेले गए मुकाबलों में दक्षिणेश्वर सुरेश और सुमित नागल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्रमशः जेरोमी किम और मार्क आंद्रिया हुसलेर को हराया। इन जीतों से भारत 2-0 की मजबूत स्थिति में पहुँच गया था। हालांकि डबल्स हारने के बाद दबाव बढ़ा, लेकिन नागल ने चौथे मैच में जिम्मेदारी निभाते हुए टीम को ऐतिहासिक सफलता दिलाई।
32 साल बाद यूरोप में जीत
यह जीत भारतीय टेनिस इतिहास के लिए बेहद खास है। विदेश में किसी यूरोपीय टीम पर भारत की यह 32 साल में पहली जीत है। आखिरी बार 1993 में लिएंडर पेस और रमेश कृष्णन ने फ्रांस को क्वार्टर फाइनल में हराया था। इसके अलावा भारत ने 2022 में दिल्ली में डेनमार्क को ग्रासकोर्ट पर मात दी थी, लेकिन यूरोपीय धरती पर जीत लंबे इंतजार के बाद आई है।
अगला पड़ाव: क्वालीफायर्स
इस जीत के साथ भारत ने डेविस कप के इतिहास में नई इबारत लिखी है। टीम अब पहली बार क्वालीफायर चरण में खेलेगी। डेविस कप क्वालीफायर का पहला दौर जनवरी 2026 में आयोजित होगा, जहाँ भारत को और भी मजबूत टीमों से भिड़ना होगा।
सुमित नागल और भारतीय टीम की यह सफलता टेनिस प्रेमियों के लिए गर्व का क्षण है। नागल ने न केवल अपने प्रदर्शन से भारत की उम्मीदें जिंदा रखीं बल्कि टीम को ऐतिहासिक जीत भी दिलाई। यह उपलब्धि भारतीय टेनिस के लिए नई ऊर्जा और आत्मविश्वास लेकर आई है, जो भविष्य की बड़ी जीतों की राह तैयार करेगी।



