नई दिल्ली: टीम इंडिया (Team India) के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) इंग्लैंड दौरे की टेस्ट सीरीज (IND vs ENG) में अपनी शानदार गेंदबाजी से टीम के सबसे बड़े हथियार साबित हो रहे हैं। लेकिन मौजूदा हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि अब बुमराह को लगातार मैच खेलने पड़ सकते हैं-भले ही उनकी फिटनेस और वर्कलोड को लेकर पहले से ही चिंता जताई जा चुकी हो।
टी20 विश्व कप 2024 (T20 World Cup 2024) फाइनल में भारत को जीत दिलाने वाले बुमराह ने इस टेस्ट सीरीज के पहले और तीसरे मैच में कुल 12 विकेट चटकाए। लेकिन उनके दूसरे छोर से किसी और तेज गेंदबाज का कारगर साथ न मिल पाने से अब बुमराह की थकावट और चोट का जोखिम बढ़ गया है।
गंभीर की रणनीति सवालों के घेरे में
सीरीज से पहले मुख्य कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने संकेत दिया था कि बुमराह को पांच में से केवल तीन टेस्ट ही खेलने दिए जाएंगे। लेकिन अब ऐसा लगता है कि परिस्थितियों के चलते कोच को अपना फैसला बदलना पड़ सकता है।
27 जुलाई को खत्म होने वाले चौथे टेस्ट के केवल चार दिन बाद पांचवां और अंतिम मुकाबला शुरू होगा। ऐसे में बुमराह को फिर से मैदान में उतारना उनकी फिटनेस के लिहाज से जोखिम भरा हो सकता है, खासकर उनकी पीठ की पुरानी समस्या को देखते हुए।
विकल्प नाकाम, बुमराह ही उम्मीद की आखिरी किरण
भारत की गेंदबाजी यूनिट इस सीरीज में संघर्ष कर रही है। प्रसिद्ध कृष्णा (Prasidh Krishna) के खराब प्रदर्शन, शार्दुल ठाकुर की नाकामी और आकाश दीप व अर्शदीप सिंह की चोटों ने भारतीय टीम (Indian Team) को सीमित विकल्पों तक पहुंचा दिया है। नतीजतन, बुमराह को मैनचेस्टर टेस्ट के साथ-साथ ओवल टेस्ट में भी उतरना पड़ सकता है।
सीरीज और कोच की साख भी दांव पर
भारत और इंग्लैंड (IND vs ENG) के बीच यह टेस्ट सीरीज बेहद निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। अगर इंग्लैंड मैनचेस्टर टेस्ट जीतता है तो वह सीरीज पर 3-1 से कब्जा जमा लेगा। ऐसे में कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) की अग्निपरीक्षा भी तय है। पहले ही ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड से टेस्ट सीरीज में हार झेल चुके गंभीर किसी भी कीमत पर इंग्लैंड के खिलाफ हार नहीं चाहेंगे।
से में यह देखना दिलचस्प होगा कि गंभीर अपनी पूर्व योजना के मुताबिक बुमराह को रेस्ट देते हैं या फिर टीम की जरूरतों के आगे फिटनेस प्रबंधन को नजरअंदाज कर उन्हें लगातार मैदान पर उतारते हैं।
बुमराह की निरंतर गेंदबाजी से भारत को मजबूती तो मिल रही है, लेकिन उनकी शारीरिक सीमा को भी समझना जरूरी है। यदि उन्हें चौथे और पांचवें टेस्ट में लगातार खिलाया गया, तो इससे उनकी चोट की संभावना भी बढ़ सकती है। अब देखना है कि टीम मैनेजमेंट खिलाड़ी की सेहत को तरजीह देता है या सीरीज की जीत को।



