नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल के लोकसभा में गिरने के बाद भाजपा की महिला नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के सुनेहरी बाग स्थित आवास के पास विरोध मार्च निकालते हुए विपक्ष का पुतला जलाया, जिसके बाद पुलिस ने भाजपा सांसदों को हिरासत में लिया है। हालांकि कुछ देर बार उन्हें रिहा कर दिया।
महिलाएं वीरेन्द्र सचदेवा एवं रेखा गुप्ता के साथ नेता प्रतिपक्ष के घर प्रदर्शन करने पहुंची थी

नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से जुड़े संविधान संशोधन बिल के लोकसभा में गिर जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी और एनडीए ने देश भर में विपक्ष के खिलाफ बड़े प्रदर्शन करने का फैसला किया है। इसी कड़ी में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुवाई में बड़ी संख्या में महिलाएं और पार्टी की कार्यकर्ताएं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के घर प्रदर्शन करने पहुंची। सुनहरी मस्जिद गोल चक्कर के पास दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला फूंक रहीं महिलाओं को भारी बल प्रयोग कर रोका एवं तितर बितर किया और प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा एवं सांसइ कमलजीत सहरावत, बांसुरी स्वराज व भाजपा कार्यकर्ता योगिता सहित प्रमुख महिला नेताओं को गिरफ्तार कर संसद मार्ग थाने ले गई
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि कल देश के संसद सदन में एक ऐतिहासिक निर्णय होने वाला था जिसमें सधारण परिवार से आने वाली माताएं बहनों को अपना हक मिलने वाला था लेकिन विपक्ष के नेता जिन्हें अपने परिवार से बाहर कुछ दिखता नहीं है उन्होंने ना सिर्फ इस बिल को पास होने से रोका बल्कि देश की आधी आबादी वाली मातृशक्ति के हक को खत्म करने का काम किया है।
विपक्ष इस पर सिर्फ राजनीति कर रहा

वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि आज देश भर में मताएं-बहनें सड़कों पर अपने हक के लिए खड़ी है लेकिन विपक्ष इस पर सिर्फ राजनीति कर रहा है। हालांकि विपक्ष इस आक्रोश से वंचित नहीं रह सकता है। दिल्ली की सड़कों पर आज माताएं बहने राहुल गांधी के आवास पर अपने हक की लड़ाई के लिए खड़ी हैं और उनसे जवाब मांगना चाहती है कि क्या महिलाओं को 33 फीसदी हक नहीं मिलना चाहिए।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि गृह मंत्री ने संसद में कहा कि विपक्ष जो भी संशोधन प्रस्तावित करना चाहता है, सरकार उन्हें शामिल करने के लिए तैयार है। लेकिन राहुल गांधी और कांग्रेस की मंशा महिलाओं का विरोध करने और उन्हें आरक्षण से वंचित रखने की है, और कल यह बात बेनकाब हो गई। देश की महिलाएं जो आबादी का आधा हिस्सा हैं। अपने अधिकारों का दावा करेंगी, और कांग्रेस तथा उसके सहयोगियों को इसके परिणाम भुगतने होंगे। प्रधानमंत्री ने विस्तार से चर्चा की। गृह मंत्री ने भी सब कुछ समझाया लेकिन तथाकथित विशेषाधिकार प्राप्त राजनीतिक परिवार नहीं चाहते कि गरीब महिलाओं को उनके अधिकार मिलें।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि विपक्षी पार्टियों ने संसद में एक सूर में कहा कि महिलाओं को यह आरक्षण नहीं मिलना चाहिए। पिछले 30 सालों से देश की आधी आबादी अपना अपमान बर्दाश्त कर रही है क्योंकि बार-बार सदन में यह बिल आता है। कभी फाड़ दिया जाता है तो कभी इसका विरोध होने लगता है। उन्होंने कहा कि आरक्षण बिल ना पास हो उसके लिए विपक्ष ने कई तरह की साजिश रची थी।
रेखा गुप्ता ने कहा की महिलाओं की हार में ऐसी कौन सी जीत कांग्रेसी और समाजवादी नेताओं को दिख गई जिसका वह जश्न मना रहे थे। विपक्ष के नेताओं को इस बात का डर है कि कही साधारण घर की महिलाएं सांसद एवं विधायक ना बन जाए। उन्होंने कहा कि अगर साधारण घर की महिलाएं संसद में पहुंच जाए तो इनके घर की महिलाएं जो सिंहासन लगाकर बैठी है, उनकी कुर्सी ना हिल जाए इस बात का डर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं को है।
महिलाओं को उनका हक मिलेगा

सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि मैं जब से बिल पास नहीं हुआ है तब से मैं स्तब्ध हूं। विपक्षी दलों ने महिलाओं का हक मारकर यह नेता जयघोष लगा रहे हैं। इसलिए मैं आप सब का सिर्फ साथ देने के लिए यहां आया हूं क्योंकि मुझे पता है कि आज नहीं तो कल इस समस्या का हल होकर रहेगा, महिलाओं को उनका हक मिलेगा।
भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार इस बात की कोशिश कर रहे हैं कि देश की महिलाओं को उनका हक मिले लेकिन विपक्ष लगातार इस बात का विरोध अन्य तथ्यों का बहाना बनाकर कर रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाएं लगातार आगे बढ़े और पुरुषों के साथ कंधे से कंधे मिलाकर आगे चले लेकिन विपक्ष ऐसा होने नहीं दे रहा है और इसलिए हम सब मिलकर आज यहां इकट्ठा हुए हैं।
भाजपा सांसद एवं दिल्ली भाजपा महामंत्री कमलजीत सहरावत ने कहा कि दिल्ली में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पास करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक प्रयास किया ताकि आप हम जैसी नारी को 33 फीसदी आरक्षण मिल सके लेकिन कांग्रेस ने एक बार फिर से नारी विरोधी मानसिकता दिखाते हुए उसे पास नहीं होने दिया।
आधी आबादी सिर्फ वोट देने के लिए नहीं, नीति गत फैसलों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का भी हक रखती है
नई दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज ने अपने संबोधन में कहा कि जिस प्रकार से आज बहने अपना हक लेने के लिए सड़क पर उतरी है और उन पर वाटर कैनन भी चलाया गया है लेकिन कोई भी लाठी चार्ज या फिर वाटर कैनन बहनों की हक की लड़ाई को कम नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी अब सिर्फ वोट देने के लिए नही बल्कि देश के नीति गत फैसलों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का भी हक रखती है।



