नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर दिल्ली विधानसभा परिसर में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर महात्मा गांधी के स्वतंत्रता संग्राम में अतुलनीय योगदान और गणराज्य की नैतिक नींव को स्मरण करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि गांधी जी का जीवन और उनका बलिदान आज भी राष्ट्र की लोकतांत्रिक चेतना और सामूहिक अंतरात्मा का मार्गदर्शन करता है। इस अवसर पर विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, विधानसभा के सदस्य व विस अधिकारी भी उपस्थित थे और सभी ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
गांधी न सिर्फ भारत के बल्कि पूरे विश्व के लिए एक मिसाल हैं
विजेंद्र गुप्ता ने कहा, “पूज्य बापू महात्मा गांधी की आज पुण्यतिथि है। शांति और अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी ने दुनिया को यह संदेश दिया कि आखिरी सांस तक सत्य और अहिंसा ही सबसे बड़ी ताकत होती है। गांधी न सिर्फ भारत के बल्कि पूरे विश्व के लिए एक मिसाल हैं।
पुष्पांजलि अर्पित करते हुए अध्यक्ष ने कहा, “इस पावन अवसर पर हम महात्मा गांधी को नमन करते हैं, जिनके बलिदान ने भारत की स्वतंत्रता को सत्य, अहिंसा और निःस्वार्थ सेवा के उच्चतम आदर्शों से पवित्र किया। उनका जीवन हमें सिखाता है कि नैतिक बल और आचारिक शुचिता ही स्थायी सुशासन और राष्ट्रीय एकता की सुदृढ़ नींव हैं।”

दिल्ली विधानसभा भवन की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए, जो कभी केंद्रीय विधान सभा का भी केंद्र रहा है, अध्यक्ष ने कहा कि महात्मा गांधी के विचारों और आंदोलनों ने भारत की संसदीय लोकतांत्रिक परंपराओं को गहराई से प्रभावित किया। उन्होंने कहा, “संवाद, समावेशिता और असहमति के प्रति सम्मान जैसे गांधीवादी मूल्य हमारे संविधान और विधायी परंपराओं में गहराई से अंतर्निहित हैं।”
गांधीवादी आदर्शों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सत्य और अहिंसा का मार्ग एक सशक्त, आत्मनिर्भर और समरस भारत के निर्माण के लिए आज भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा, “आज महात्मा गांधी को स्मरण करते हुए हम यह संकल्प लेते हैं कि उनके द्वारा स्थापित संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप ईमानदारी, पारदर्शिता और निःस्वार्थ सेवा की भावना के साथ राष्ट्र की सेवा करेंगे।”



