रेलवे में आपत्तिजनक विज्ञापनों पर पूर्ण प्रतिबंध है: अश्विनी वैष्णव

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा रेलवे में मदिरा, तंबाकू और धूम्रपान जैसे कानून की दृष्टि से आपत्तिजनक विज्ञापनों का प्रदर्शन प्रतिबंधित है। इसके अलावा किसी भी प्रकार की अश्लील सामग्री प्रदर्शित नहीं की जाती है। निजी बीमा कंपनियों के रेल दुर्घटनाओं के लिए बीमा पॉलिसी देने वाले विज्ञापन स्वीकार नहीं हैं।

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नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने अपनी विज्ञापन नीतियों को लेकर महत्वर्णू स्पष्टीकरण जारी किया है। रेलमंत्री अश्चिनी वैष्णव ने राज्यसभा में इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की। सरकार ने स्पष्ट किया है कि रेलवे परिसरों और ट्रेनों में किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक विज्ञापन प्रदर्शित नहीं किए जायंगे। इसमें मदिरा, तंबाकू और धूम्रपान से जुड़े उत्पादों पर सख्त प्रतिबंध शामिल है। यह कदम यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है।

रेलवे ने गैर-किराया राजस्व (एनएफआर) नीतियां बनाई हैं

रेलमंत्री अश्चिनी बताया कि भारतीय रेलवे ने विज्ञापन और ब्रांडिंग पहलों के माध्यम से गैर-किराया राजस्व अर्जित करने के लिए व्यापक गैर-किराया राजस्व (एनएफआर) नीतियां बनाई हैं। आउट-ऑफ-होम (ओओएच) विज्ञापन नीति के अंतर्गत, स्टेशनों के आवागमन क्षेत्रों में विज्ञापन के अवसर उपलब्ध हैं। रेल डिस्प्ले नेटवर्क (आरडीएन) नीति स्टेशनों और आवागमन क्षेत्रों में स्क्रीन और डिस्प्ले प्रणाली के माध्यम से डिजिटल विज्ञापन को सक्षम बनाती है। इसके अतिरिक्त, मौजूदा दिशानिर्देशों के तहत रेलगाड़ियों और डिब्बों (अंदर और बाहर दोनों) जैसी चल संपत्तियों का उपयोग ब्रांडिंग और विज्ञापन के लिए किया गया है।

विज्ञापन से अर्जित राजस्व विविध राजस्व का एक हिस्सा है

विज्ञापन से अर्जित राजस्व विविध राजस्व का एक हिस्सा है। खंडवार राजस्व विवरण भारतीय रेलवे के वार्षिक सांख्यिकी विवरण में उपलब्ध है। सभी विज्ञापन अनुबंध भारतीय रेलवे ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम (आईआरईपीएस) ऑनलाइन पोर्टल पर ई-नीलामी के माध्यम से दिए जाते हैं। बोलीदाता का चयन वाणिज्यिक आय और गैर-किराया राजस्व नीति तथा संबंधित अनुबंध की विशेष शर्तों के अनुसार किया जाता है, जो विज्ञापनदाताओं के लिए पात्रता मानदंड निर्धारित करती हैं।

रेलगाड़ियों में प्रदर्शित विज्ञापनों के लिए, प्रत्येक विज्ञापन योजना की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य है और इसे संबंधित रेलवे मंडल के मंडल प्राधिकरण के कार्यालय में जमा करना होता है। हालांकि, विज्ञापन प्रदर्शित करने के लिए ब्रांड का चयन विज्ञापन एजेंसी का विशेषाधिकार है। विज्ञापन एजेंसियों को विज्ञापन प्रदर्शित करने के लिए केंद्र/राज्य के कानूनों का पालन करना अनिवार्य है। कानून की दृष्टि से आपत्तिजनक विज्ञापन प्रतिबंधित हैं।

रेलगाड़ियों के अंदर/बाहर निम्नलिखित विज्ञापन प्रदर्शित करने की अनुमति नहीं है

मदिरा के विज्ञापन

कामुक पृष्ठभूमि वाले विज्ञापन

अन्य परिवहन साधनों के प्रतिस्पर्धी विज्ञापन

रेलवे दुर्घटनाओं के लिए बीमा पॉलिसी देने वाली निजी बीमा कंपनियों के विज्ञापन

सिगरेट, बीड़ी और अन्य तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन

हालांकि, किसी भी उल्लंघन की स्थिति में तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाती है।

Sanjay Rai

sanjayrai.dj@gmail.com

संजय राय ने बीते 25 साल के प्रोफेशनल कैरियर में स्वास्थ्य, अपराध, शिक्षा, विकास समेत सभी बीट की कवरेज की है। दिल्ली सरकार, विधानसभा की कार्यवाही, भाजपा, कांग्रेस, आप सरीखे राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक-सांस्कृतिक व आंदोलनात्मक गतिविधियों को भी कवर किया है। कई सत्रों में संसद की कार्यवाही पर भी कलम चलाई है। फिलवक्त NewG India में बतौर सीनियर स्पेशल काॅरेस्पोंडेंट अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

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