नई दिल्ली। पब्लिक रिलेशंस एजेंसी इम्पैक्टपीआर ने अपने कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए कार्यस्थल पर योग सत्र शुरू करने की घोषणा की है। इन सत्रों में विशेष रूप से चेयर योगा को शामिल किया गया है, ताकि लंबे समय तक स्क्रीन के सामने काम करने से होने वाले तनाव, पीठ व गर्दन दर्द और थकान को कम किया जा सके।
पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा
इम्पैक्टपीआर के संस्थापक कुलप्रीत वेसुना ने कहा कि स्वास्थ्य और मानसिक शांति को ऑफिस के घंटों का हिस्सा होना चाहिए, ताकि टीम स्पष्ट सोच, संतुलन और ऊर्जा के साथ काम कर सके। डिजिटल वर्क कल्चर में योग केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सतत और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली को भी बढ़ावा देता है।
इससे होने वाले फायदे-
ईंधन और प्रदूषण में कमी: जब कर्मचारी ऑफिस परिसर में ही योग और ध्यान करते हैं, तो उन्हें अलग से जिम या वेलनेस सेंटर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे ईंधन की बचत होती है और वायु प्रदूषण कम होता है।
ग्रीन ऑफिस संस्कृति को बढ़ावा: योग मानसिक संतुलन और सजगता को बढ़ाता है। इससे कर्मचारी बिजली, कागज और पानी जैसे संसाधनों के उपयोग को लेकर अधिक जिम्मेदार बनते हैं, जो हरित कार्यालय संस्कृति को मजबूत करता है।
ऊर्जा की बचत और उत्पादकता: एक स्वस्थ और केंद्रित कर्मचारी कम गलतियां करता है और अधिक कुशलता से काम करता है। इससे डिजिटल उपकरणों का बेहतर उपयोग होता है और ऊर्जा खपत पर अप्रत्यक्ष रूप से नियंत्रण रहता है।
डिजिटल शोर से राहत: योग आंतरिक शुद्धिकरण की प्रक्रिया है, जो डिजिटल और शोर भरे वातावरण के बीच मानसिक शांति प्रदान करता है और कार्यस्थल के माहौल को सकारात्मक बनाता है।
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डिजिटल-फर्स्ट प्रोफेशनल्स के लिए उपयोगी पहल
इम्पैक्टपीआर की यह पहल खास तौर पर उन डिजिटल-फर्स्ट प्रोफेशनल्स के लिए प्रभावी मानी जा रही है, जो तकनीक और स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाना चाहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कदम न सिर्फ कर्मचारियों की सेहत सुधारते हैं, बल्कि संगठन की दीर्घकालिक कार्यक्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी को भी मजबूत करते हैं।



