पटना: मई और जून की तपती गर्मी के बाद लोगों को बारिश्ब का बेसब्री से इंतजार रहता है। मानसून की बारिश से तो जैसे सभी तृप्त हो जाते हैं, लेकिन जब पर्व-त्योहार का समय आता है तो लोग चाहते हैं कि अब बारिश थम जाए। आमतौर पर ऐसा हर बार होता भी है कि मानसून समय से विदा हो जाता है। लेकिन साल 2025 कुछ अलग है। काले बादलों का लगातार उमड़ना, घुमड़ना, मेघों की गर्जना और बिजली की चमक जहां डरा रही है, वहीं लगातार हो रही बारिश लोगों की मुसीबत बढ़ा रही है। नवरात्रि और दशहरा पूजा का हर्षोल्लास फीका करने के बाद भी बारिश पीछा नहीं छोड़ रही है और बिहार में लगातार झमाझम बारिश परेशानी बढ़ती जा रही है। बिहार में शनिवार को मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ नजर आएगा। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने सुबह मुजफ्फरपुर, वैशाली, सारण (छपरा) और भोजपुर जिले में आंधी, वज्रपात और भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही शनिवार को पटना समेत अन्य कई जिलों में भी भारी बारिश की संभावना है। दरभंगा, मधुबनी जिले में भी एक दो स्थानों पर मूसलाधार बारिश होनेअकी संभावना है।
कई जिलों में बारिश का अलर्ट
पटना, गया, भागलपुर, दरभंगा, सीवान, सारण, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण और मधुबनी जैसे जिलों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी और पूर्वी बिहार के इलाके इस बार सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।
जनजीवन हो सकता है प्रभावित
लगातार हो रही बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बनने लगी है। कुछ जगहों पर नदियों का जलस्तर बढ़ने की भी सूचना है। मौसम विभाग ने कहा है कि आने वाले घंटों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
अनावश्यक घर से निकलने से बचें
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें। बिजली के खंभों या पेड़ों के नीचे खड़े न हों। निचले इलाकों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट पर रखा गया है और राहत टीमों को तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
सावधानी ही सुरक्षा है
बिहार सरकार ने कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में लोग हेल्पलाइन नंबर या स्थानीय प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं। विशेष निगरानी टीम बनाई गई है जो लगातार हालात पर नजर रख रही है।
मौसम का पूर्वानुमान
भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि इस बार मानसून की वापसी में देरी हो रही है। बिहार में अगले एक सप्ताह तक रुक-रुककर बारिश होती रह सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के कारण राज्य में नमी बनी हुई है। इस बीच IMD ने लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। मौसम विभाग के अनुसार, यह स्थिति सामान्य मानसून विदाई से अलग है, क्योंकि अक्टूबर तक साफ मौसम की उम्मीद होती है, परन्तु इस बार ऐसा नहीं हो सका है। ऐसे में लोग अब चिंता में हैं कि दीवाली और छठ पूजा तक मौसम सामान्य होगा या नहीं।



