गाजा युद्ध थमने की उम्मीद, हमास ने ट्रंप के प्रस्ताव पर जताई सहमति

गाजा युद्ध के बीच एक बड़ा कदम! हमास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना के कुछ पहलुओं को स्वीकार कर लिया है, जिसमें सभी इजरायली बंधकों को रिहा करने की घोषणा शामिल है। समूह ने कहा है कि वह अन्य महत्वपूर्ण शर्तों पर बातचीत करने को तैयार है, जिससे युद्ध को समाप्त करने की दिशा में उम्मीद जगी है।

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नई दिल्ली: गाजा युद्ध (Gaza War) को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। हमास (Hamas) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की योजना के कुछ बिंदुओं को स्वीकार करते हुए सभी इजरायली बंधकों को रिहा करने पर सहमति जताई है। रॉयटर की रिपोर्ट के अनुसार, हमास ने शुक्रवार को यह घोषणा की। संगठन ने कहा कि वह गाजा युद्ध समाप्त करने के लिए तैयार है, लेकिन कई अन्य शर्तों पर अब भी बातचीत चाहता है।

ट्रंप का अल्टीमेटम और हमास का रुख 

हमास के इस रुख को ट्रंप (Donald Trump) के अल्टीमेटम से जोड़कर देखा जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने हमास को 20 सूत्रीय योजना स्वीकार करने या अस्वीकार करने के लिए रविवार तक की समय सीमा दी थी। हमास ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि वह प्रस्ताव के अहम हिस्सों पर सहमत है, लेकिन बाकी मुद्दों पर संवाद चाहता है।

शांति पर ट्रंप का बयान 

ट्रंप ने इस ऐलान के बाद कहा कि उन्हें विश्वास है कि हमास शांति के लिए तैयार है। उन्होंने इजरायल से अपील की कि वह गाजा पर बमबारी बंद करे, ताकि बंधकों को सुरक्षित और शीघ्र बाहर निकाला जा सके। ट्रंप ने यह बयान अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर साझा किया।

हमास की शर्तें अब भी कायम 

हालांकि, हमास ने अपने बयान में यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या वह निरस्त्रीकरण के लिए तैयार है। यह मांग इजरायल और अमेरिका की ओर से बार-बार रखी जाती रही है, जिसे हमास पहले ही खारिज कर चुका है। इससे संकेत मिलता है कि पूर्ण समझौते तक अभी दूरी बनी हुई है।

ट्रंप के प्रयासों की सराहना 

हमास ने अपने आधिकारिक बयान में अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ-साथ अरब, इस्लामी और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रयासों की सराहना की है। संगठन ने युद्ध समाप्त करने, कैदियों की अदला-बदली करने और गाजा में तत्काल मानवीय सहायता पहुंचाने की अपीलों को सकारात्मक करार दिया है।

यह घटनाक्रम गाजा संकट में एक अहम मोड़ साबित हो सकता है। हालांकि, निरस्त्रीकरण और अन्य जटिल शर्तों पर सहमति बने बिना स्थायी शांति की उम्मीद करना जल्दबाजी होगी। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में इजरायल, हमास और अमेरिका के बीच बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है।

Sakshi Pal

sakshipal8700@gmail.com

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