नई दिल्ली: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद (Northern Zonal Council) की 32वीं बैठक आज हरियाणा के फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड में शुरु हो गई। यह बैठक उत्तरी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच समन्वय, विकासात्मक मुद्दों और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित है। बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल और केंद्रीय कैबिनेट मंत्री सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं।
बैठक में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ दुष्कर्म के मामलों की त्वरित जांच और इनके शीघ्र निपटान के लिए फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों का क्रियान्वयन, प्रत्येक गांव के नियत दायरे में ब्रिक-एंड-मोर्टार बैंकिंग सुविधा प्रदान करना, आपातकालीन सहायता प्रणाली का क्रियान्वयन, पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, विद्युत सुधार, शहरी प्लानिंग, सहकारिता व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण सहित क्षेत्रीय स्तर के सामान्य हित के विभिन्न मुद्दे शामिल हैं।
पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर साझा समस्याओं के स्थायी समाधान का आग्रह
फरीदाबाद में आयोजित उत्तर क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राष्ट्रीय राजधानी से जुड़े प्रमुख क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तार से अपने विचार प्रस्तुत किए और पड़ोसी राज्यों तथा केंद्र के साथ मिलकर साझा समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए रचनात्मक सहयोग का आग्रह किया। उकान्होंने कहा कि दिल्ली और पड़ोसी राज्यों की चुनौतियां साझा हैं और समन्वित प्रयासों से ही दीर्घकालिक समाधान संभव है।
पंजाब से आने वाले पराली के धुएं की मात्रा अब भी अधिक है
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले वायु प्रदूषण के मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता पर क्षेत्रीय गतिविधियों का बड़ा प्रभाव पड़ता है, विशेषकर पराली जलाने से उत्पन्न धुआं इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश ने पराली प्रबंधन में सकारात्मक प्रगति की है, परंतु पंजाब से आने वाले धुएं की मात्रा अब भी अधिक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी पड़ोसी राज्य, विशेषकर पंजाब और हरियाणा, दिल्ली की स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने में और अधिक सहयोग करेंगे। उन्होंने दिल्ली की बसों के पूर्णतः इलेक्ट्रिक होने के अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि एनसीआर शहरों को भी अंतरराज्यीय बसों, टैक्सियों और ऑटो को शीघ्रता से इलेक्ट्रिक मोड में परिवर्तित करने की दिशा में कदम तेज करने चाहिए, ताकि प्रदूषण में ठोस कमी लाई जा सके।
एसटीपी के माध्यम से साफ पानी ही नदी में छोड़ना आवश्यक
यमुना सफाई पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली और हरियाणा दोनों सरकारें यमुना की स्वच्छता को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठा रही हैं। उन्होंने हरियाणा सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सहयोग की प्रशंसा करते हुए कहा कि यमुना में गिरने वाले सभी नालों को ट्रैप करना, आवश्यक स्थानों पर सीवर लाइन और डी-सिल्टिंग कार्य पूरा करना और आधुनिक एसटीपी के माध्यम से साफ पानी ही नदी में छोड़ा जाना आवश्यक है। उन्होंने बहादुरगढ़, झज्जर और गुरुग्राम से आने वाली प्रमुख ड्रेनों का उल्लेख करते हुए इनके प्रभावी प्रबंधन की आवश्यकता दोहराई।
राज्यों के बीच सहयोग का माहौल का होना जरूरी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि देश की प्रगति के लिए राज्यों के बीच सतत सहयोग के माहौल का होना अति महत्वपूर्ण है। अपने संसाधनों को एकत्रित करके, अपने ज्ञान को सांझा करके और एक दूसरे की सर्वोत्तम पद्धतियों को अपनाकर ही हम एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 के दृढ़ संकल्प को साकार करने की दिशा में हरियाणा ने कई सफल प्रयास किये हैं।
पंजाब से आग्रह, जल विवाद पर गुरुओं की महान परंपराओं का रखा जाए ध्यान
नायब सिंह सैनी ने बैठक के महत्वपूर्ण एजेंडा मदों पर चर्चा के दौरान कहा कि सभी राज्यों के पानी के हिस्से को संबंधित राज्य तक पहुंचाने की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। हरियाणा लगातार दिल्ली को उसके हिस्से से अधिक पानी अपने हिस्से से देता रहा है। जबकि, एस.वाई.एल. न बनने के कारण हरियाणा को पंजाब से अपने हिस्से का पूरा पानी नहीं मिल रहा है। अगर एस.वाई.एल. के रास्ते हरियाणा को अपने हिस्से का पूरा पानी मिलता है, तो राजस्थान को भी उसके हिस्से का पूरा पानी मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब गुरुओं की धरती है। यह वह पावन धरा है, जहां भाई कन्हैया जी जैसे गुरु सेवक हुए, जिन्होंने युद्ध भूमि में घायल पड़े दुश्मनों के सैनिकों को भी पानी पिलाया। उन्होंने परिषद के माध्यम से पंजाब से आग्रह किया कि जल विवाद पर गुरुओं की महान परंपराओं का ध्यान अवश्य रखा जाए।
उन्होंने कहा कि पानी हम सबका सांझा है, तो इसको स्वच्छ बनाए रखना भी हम सबकी जिम्मेदारी है। हमारी संस्कृति में नदियों को माता कहा गया है। उन्होंने विशेष रूप से यमुना नदी का उल्लेख करते हुए हरियाणा की ओर से विश्वास दिलाया कि यमुना के पानी को स्वच्छ रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
चंडीगढ़ से हरियाणा के कॉलेज संबद्ध होने से हरियाणा के छात्रों व विश्वविद्यालय दोनों को होगा लाभ
नायब सिंह सैनी ने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार इसमें अपना योगदान करना चाहती है। यदि हरियाणा के कुछ कॉलेज इस विश्वविद्यालय से संबद्ध हो जाएंगे, तो हरियाणा के विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय दोनों को लाभ होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है। तीन नए आपराधिक कानून हरियाणा में लागू हो जाने से पॉक्सो अधिनियम के तहत मामलों का तेजी से निपटान कर पाने में सफल हो रहे हैं।
हरियाणा सरकार ने हर नागरिक को स्वास्थ्य सेवा की सुनिश्चित
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने हर नागरिक को स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को और आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने अपनी चिरायु योजना इसके साथ जोड़ी है। यह ‘डबल इंजन’ सरकार द्वारा दोगुणी गति से विकास का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के प्रत्येक छोटे से छोटे गांव में भी अब बैंकिंग सुविधा उपलब्ध है।
*हरियाणा सरकार ने एक साल में ही 47 संकल्पों को किया पूरा*
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने गत विधानसभा चुनावों के दौरान जारी किए गए संकल्प-पत्र के 217 में से 47 वादों को पहले वर्ष में ही पूरा कर दिखाया है। उन्होंने केवल एक संकल्प का उल्लेख करते हुए बताया कि गत 25 सितंबर को ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ ऐप का शुभारंभ पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी के 109वें जन्म दिवस के अवसर पर किया गया। गत 1 नवम्बर हरियाणा दिवस पर सरकार ने ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ के तहत पात्र 5 लाख 22 हजार 162 महिला लाभार्थियों को 2100-2100 रुपये की राशि बैंक खातों में जारी की। अब तक 8 लाख 5 हजार आवेदन हो चुके हैं और शीघ्र ही यह संख्या 15 लाख हो जाएगी।
उत्तरी क्षेत्रीय परिषद् की बैठक ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का बनेगी उदाहरण
नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस बैठक के एजेंडे की हर मद पर राज्य की विस्तृत टिप्पणियां परिषद् को प्रस्तुत की गई हैं। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि इस बैठक के विचार-मंथन से राज्य व केंद्र शासित प्रदेश सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने, अंतर्राज्यीय व केन्द्र राज्यों के बीच कई मुद्दों को सुलझाने में सहमति बनाने में सफल होंगे और उत्तरी क्षेत्रीय परिषद् की यह बैठक ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का उदाहरण बनेगी ।



