नई दिल्ली: सऊदी अरब के मदीना के पास हुए एक भीषण बस हादसे में 42 भारतीय तीर्थयात्रियों की मौत हो गई है। इस हादसे पर जमाअत-ए-इस्लामी हिन्द के अध्यक्ष सय्यद सआदतुल्लाह हुसैनी ने दुःख जताया है। उन्होंने कहा कि उमरा के लिए गए ये तीर्थयात्री एक पवित्र यात्रा पर थे और इबादत के महान कार्य को पूरा कर रहे थे।
जन्नत में मिले जगह
उन्होंने पैगंबर (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के उस कथन का हवाला दिया कि हज और उमरा करने वाले अल्लाह के मेहमान हैं। हुसैनी ने आशा व्यक्त की कि उमराह के दौरान जिन लोगों की मृत्यु हुई है, अल्लाह उन्हें शहादत का दर्जा दे और जन्नत में सर्वोच्च स्थान प्रदान करे। जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने भारत सरकार से आग्रह किया है कि मृतकों के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द स्वदेश लाने की व्यवस्था की जाए।
घायलों को मिले बेहतर सुविधा
इसके साथ ही घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने की अपील भी की गई है। सय्यद सआदतुल्लाह हुसैनी ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि अल्लाह उन्हें इस कठिन समय में सब्र दे और दिवंगत आत्माओं को जन्नत एवं मोक्ष प्रदान करे।
ये भी पढ़ें-उमरा के लिए जा रही बस में आग, 42 भारतीयों की मौत
देर रात हादसा
यह दुर्घटना मदीना से लगभग 160 किलोमीटर दूर मुहरास के पास भारतीय समयानुसार रात लगभग 1:30 बजे हुई। उस समय कई यात्री सो रहे थे, इस वजह से उन्हें बचने का मौका तक नहीं मिला। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस हादसे पर दुःख जताया है। उन्होंने कहा कि मदीना में भारतीय नागरिकों के साथ हुई दुर्घटना से गहरा सदमा पहुंचा है। रियाद स्थित हमारा दूतावास दुर्घटना से प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को पूरी सहायता प्रदान कर रहा है।



