क्या स्वस्थ दिखने वाले लोगों को भी आ सकता है हार्ट अटैक? 25 साल के अनुभवी सर्जन ने खोला राज

अक्सर यह माना जाता है कि यदि कोई व्यक्ति फिट दिखता है, सही खान-पान रखता है और नियमित व्यायाम करता है, तो उसे हृदय रोगों का खतरा नहीं है।

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नई दिल्ली : अक्सर यह माना जाता है कि यदि कोई व्यक्ति फिट दिखता है, सही खान-पान रखता है और नियमित व्यायाम करता है, तो उसे हृदय रोगों का खतरा नहीं है। लेकिन क्या वास्तव में ऐसा है? 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले अमेरिकी बोर्ड-प्रमाणित हृदय सर्जन डॉ. जेरेमी लंदन ने इस धारणा को चुनौती दी है। उनके अनुसार, हृदय रोग सांख्यिकी और संभावनाओं (Statistics and Probability) का खेल है, जहाँ ‘स्वस्थ’ की परिभाषा केवल बाहरी दिखावे तक सीमित नहीं होनी चाहिए।

  • सतही स्वास्थ्य बनाम आंतरिक स्वास्थ्य: फिट दिखना और अच्छा खाना काफी नहीं है; हृदय स्वास्थ्य के लिए “खिड़की से झांकने” के बजाय “अंदर गहराई” से जांचना जरूरी है।
  • मेटाबॉलिक हेल्थ: आपकी बाहरी बनावट के बजाय आपके शरीर की मेटाबॉलिक स्थिति हृदय रोग के जोखिम को तय करती है।
  • अनुवांशिकी (Genetics): आप अपने जीन से नहीं भाग सकते। परिवार के इतिहास की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है।
  • रिकवरी का लाभ: स्वस्थ जीवनशैली हार्ट अटैक को पूरी तरह नहीं रोक सकती, लेकिन यह उससे उबरने (Recovery) में बहुत मदद करती है।

“स्वास्थ्य की विंडो शॉपिंग न करें”

डॉ. जेरेमी लंदन ने एक दिलचस्प उदाहरण देते हुए कहा, “स्वास्थ्य को आप आईने में देखकर तय नहीं कर सकते। यह ऐसा ही है जैसे आप किसी दुकान की खिड़की से कपड़े को देख रहे हों। आपको दुकान के अंदर जाना होगा और कपड़े के फैब्रिक को महसूस करना होगा।” उनके कहने का तात्पर्य यह है कि जो व्यक्ति बाहर से फिट और एथलेटिक दिखता है, उसके धमनियों (Arteries) के अंदर भी समस्याएं हो सकती हैं।

इन तीन बातों पर रखें नजर

सर्जन के अनुसार, यदि आप स्वस्थ महसूस करते हैं तब भी आपको निम्नलिखित मापदंडों की जांच करानी चाहिए:

  1. ApoB (Apolipoprotein B): यह बैड कोलेस्ट्रॉल का एक सटीक संकेतक है जो धमनियों में रुकावट पैदा कर सकता है।
  2. मेटाबॉलिक स्वास्थ्य: इंसुलिन रेजिस्टेंस और ब्लड शुगर के स्तर की निगरानी।
  3. जेनेटिक्स: यदि आपके परिवार में हृदय रोगों का इतिहास है, तो आपके जोखिम की संभावना बढ़ जाती है, चाहे आपकी जीवनशैली कितनी भी अच्छी क्यों न हो।

हताशा नहीं, जागरूकता जरूरी

अक्सर मरीज हार्ट अटैक के बाद कहते हैं, “मैंने सब कुछ सही किया, फिर भी यह क्यों हुआ? इससे अच्छा तो मैं परहेज ही न करता।” डॉ. लंदन इस सोच को गलत बताते हैं। वे कहते हैं कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यदि कभी हार्ट अटैक आ भी जाए, तो आपका शरीर उससे लड़ने और जल्दी ठीक होने में सक्षम होता है।


हृदय स्वास्थ्य के लिए डॉ. जेरेमी के ‘चेक-पॉइंट्स’

श्रेणीक्या जांचें?क्यों जरूरी है?
लैब टेस्टApoB और लिपिड प्रोफाइलधमनियों में प्लाक जमने के जोखिम को जानने के लिए।
शारीरिक स्थितिमेटाबॉलिक हेल्थ (BP, Sugar)शरीर के आंतरिक अंगों के सुचारू संचालन के लिए।
पारिवारिक इतिहासहृदय रोगों का खानदानी रिकॉर्डअनुवांशिक जोखिमों को पहले से समझने के लिए।
जीवनशैलीव्यायाम और पोषणअटैक की स्थिति में शरीर को रिकवरी के योग्य बनाने के लिए।

Samiksha Mishra

samiksha.mishra1222@gmail.com

मैं कॉपीराइटर हूँ, जिसे कंटेंट के ज़रिए कहानियाँ गढ़ने और ब्रांड्स की आवाज को मजबूती देने का तीन वर्षों का पेशेवर अनुभव है। शब्दों की सटीकता, रचनात्मकता और पाठकों से जुड़ाव, यही मेरी लेखनी की पहचान है।

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