पटना: बिहार के छह शहरों में बनेगा गैस आधारित शवदाह गृह। इससे वायु प्रदूषण कम होगा और शवदाह स्थलों पर बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित होंगी। बिहार सरकार ने एक-एक एकड़ भूमि एक निजी संस्थान को 1 रुपये की टोकन राशि पर 33 वर्षों की अवधि के लिए लीज के माध्यम से आवंटित करने की स्वीकृति दी है। ईशा फाउण्डेशन राज्य के 6 शहरों पटना, गयाजी, छपरा, सहरसा, भागलपुर और बेगूसराय में एलपीजी से चलने वाले शवदाह गृह की स्थापना एवं संचालन करेगी।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि ईशा फाउण्डेशन, कोयम्बटूर के द्वारा राज्य के 6 शहर – पटना, गयाजी, छपरा, सहरसा, भागलपुर एवं बेगूसराय – में गैस (एलपीजी) आधारित शवदाह गृह की स्थापना एवं संचालन तथा उक्त क्रम में इन शहरों में एक-एक एकड़ भूमि फाउण्डेशन को 1 रुपये की टोकन राशि पर 33 वर्षों की अवधि के लिए लीज के माध्यम से आवंटित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। गुरुवार को उपमुख्यमंत्री के समक्ष नगर विकास एवं आवास विभाग और ईशा फाउन्डेशन के प्रतिनिधिगण के बीच एमओयू साइन किया गया।
वायु प्रदूषण कम होगा
चौधरी ने बताया कि वर्तमान में अधिकांश नगर निकायों द्वारा संचालित शवदाह स्थलों पर पारंपरिक रूप से लकड़ी से अंतिम संस्कार होता है। इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है और वन सम्पदा का अनावश्यक दोहन होता है। कई स्थानों पर विद्युत शवदाह गृह बने भी हैं, लेकिन रख-रखाव और शव यात्रियों की मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी रहती है।
जमीन 33 वर्षों की लीज पर उपलब्ध कराई जाएगी
इसी परिप्रेक्ष्य में राज्य मंत्रिपरिषद ने 9 सितंबर को आयोजित बैठक में निर्णय लिया कि ईशा फाउंडेशन को पटना (दीघा घाट), गया, छपरा, सहरसा, भागलपुर और बेगूसराय में गैस (एलपीजी) आधारित शवदाह गृह स्थापित करने और संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके लिए प्रत्येक शहर में एक-एक एकड़ भूमि केवल 1 रुपये की टोकन राशि पर 33 वर्षों की लीज पर उपलब्ध कराई जाएगी।
शवदाह स्थलों पर बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित होगी
ईशा फाउंडेशन पहले ही तमिलनाडु में लगभग 15 गैस आधारित शवदाह गृह स्थापित कर चुका है, जो पर्यावरण के दृष्टिकोण से अनुकूल और आधुनिक सुविधाओं से युक्त हैं। यह संस्था अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग, ध्यान और सामाजिक कार्यों के लिए भी जानी जाती है। चौधरी ने कहा कि यह पहल न केवल वायु प्रदूषण और वन सम्पदा के दोहन को कम करेगी, बल्कि शवदाह स्थलों पर स्वच्छता, बेहतर सुविधाएं और सम्मानजनक माहौल भी सुनिश्चित करेगी। चौधरी ने कहा बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार लोक कल्याणकारी कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है और इसी कड़ी में गैस (एलपीजी) आधारित शवदाह गृह की स्थापना के लिए एमओयू साइन किया गया है।



