नई दिल्ली: नवंबर का दूसरा पखवाड़ा शुरू होते ही मौसम ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है। जहां उत्तर भारत के मैदानी इलाके शीतलहर की चपेट में हैं, वहीं दक्षिण के तटीय राज्यों में बादल फटने की स्थिति बनी हुई है। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 11 नवंबर को जारी बुलेटिन में अगले 48 घंटों के लिए उत्तर और मध्य भारत में ठंड बढ़ने की चेतावनी दी गई है, जबकि केरल और आसपास के इलाकों में 100 मिमी से ज्यादा बारिश का अलर्ट है। यह मौसमी उलटफेर किसानों से लेकर शहरवासियों तक सबको हलचल में डाल रहा है।
उत्तर भारत: धुंध और ठंड का दोहरा हमला
देश के उत्तरी हिस्से में सर्द हवाओं ने कमर कस ली है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री नीचे लुढ़क गया है। राजधानी दिल्ली ने कल रात सीजन की पहली ठंडी लहर का सामना किया, जहां आयनगर स्टेशन पर पारा 9.9 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। यह सामान्य से पूरे 5.6 डिग्री कम था। सुबह-सुबह हल्की धुंध और ठंडी हवाओं ने आने-जाने वालों को परेशान किया। आईएमडी के अनुसार, आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम 11 डिग्री के आसपास रहेगा, लेकिन प्रदूषण की वजह से हवा ‘बहुत खराब’ कैटेगरी में बनी हुई है। इससे सांस की तकलीफ, आंखों में खुजली जैसी दिक्कतें बढ़ गई हैं, लोगों को मास्क और इंडोर रहने की हिदायत दी जा रही है। पंजाब और यूपी के कई जिलों में भी रातें सिहरन भरी हो गई हैं, जबकि छत्तीसगढ़ और झारखंड में सर्द लहरें तेज हो रही हैं। विभाग ने आगामी दिनों में ओडिशा तक इस ठंड के असर की भविष्यवाणी की है। हिमाचल और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में तो हालात और कठिन हैं। कांगड़ा, मंडी जैसे जिलों में पारा 10 डिग्री से नीचे खिसक गया है। उत्तराखंड में 14 नवंबर तक शुष्क मौसम बरकरार रहेगा, लेकिन सुबह-शाम की ठंड दिन की धूप को भुला देगी।
दक्षिण का स्काई: बारिश और बिजली का डर
दक्षिण भारत में मौसम का मिजाज बिल्कुल उलटा है। बंगाल की खाड़ी पर बने चक्रवाती सर्कुलेशन और तमिलनाडु के ऊपर सक्रिय सिस्टम की वजह से केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में हल्की से भारी बारिश का सिलसिला जारी है। आज केरल और माहे के चुनिंदा इलाकों में 64 से 115 मिमी तक झमाझम हो सकती है, जिसके लिए येलो अलर्ट जारी है। गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा भी मंडरा रहा है, लोगों को घरों में रहने और बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। अंडमान-निकोबार में भी मध्यम बरसात के आसार हैं। कल यानी 10 नवंबर को तमिलनाडु के इरोड में 35.6 डिग्री की गर्मी दर्ज की गई, लेकिन बारिश ने नमी बढ़ा दी है।
पूर्वोत्तर: कोहरे की चादर, दृश्यता पर असर
पूर्वोत्तर राज्यों में सुबह का कोहरा यातायात को प्रभावित कर रहा है। असम के शिलांग और मिजोरम के आइजोल में दृश्यता महज 200 मीटर रही, जबकि दिल्ली के सफदरजंग और बिहार के पूर्णिया में 500 मीटर। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में मध्यम धुंध, वहीं मेघालय और हरियाणा में हल्का कोहरा। ठंड यहां भी पांव पसार रही है, जो अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है।
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कल की झलक: जहां बरसी, जहां सूखा
10 नवंबर को बारिश का दौर केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और अंडमान-निकोबार तक सीमित रहा, जहां गरज के साथ छींटे पड़े। बाकी देश शुष्क ही रहा। न्यूनतम तापमान का रिकॉर्ड महाराष्ट्र के गोंदिया में 10.4 डिग्री का रहा।
सावधानियां: किसान-नागरिक रहें अलर्ट
आईएमडी ने दक्षिण के तटीय इलाकों में बिजली और बाढ़ से बचाव के लिए घरों में रहने की अपील की है। किसानों को फसल सुरक्षा के लिए लोकल फोरकास्ट चेक करने को कहा गया है। उत्तर में ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े, हाइड्रेटेड रहना जरूरी। प्रदूषणग्रस्त शहरों में मास्क अनिवार्य। कुल मिलाकर, यह मौसम का ‘उल्टा चक्कर’ है कि उत्तर सिहर रहा है, दक्षिण भीग रहा है। आने वाले हफ्ते में शीतलहर और तेज हो सकती है, तो तैयार रहें। क्या आपका शहर भी इसकी चपेट में है? कमेंट में बताएं।



