नई दिल्ली: दिल्ली धमाके का कारण बनी हुंडई i20 कार की सीसीटीवी फुटेज सामने आई है। कार में ड्राइविंग सीट पर संदिग्ध व्यक्ति नजर आया है, जिसकी तलाश तेज कर दी गई है। कार चालक का नाम मो. उमर बताया गया है। वहीं, कार मालिक के रूप में मो. सलमान नाम के व्यक्ति का पता चला। यह कार कई व्यक्तियों को बेची गई, लेकिन आरटीओ के रिकॉर्ड में कार मालिक अभी भी सलमान ही है।
बिना आरसी कैसे कई लोगों को बेची गई कार !
ब्लास्ट के बाद दिल्ली पुलिस ने कार मालिक सलमान को हिरासत में लिया है। उसने पूछताछ में बताया कि डेढ़ साल पहले कार ओखला में किसी देवेंद्र नामक व्यक्ति को बेच दी थी। बाद में कार अंबाला में बिकी और फिर इसे पुलवामा में किसी तारिक को बेचा गया। पुलिस और जांच एजेंसियां तारिक को तलाश कर रही है। लेकिन, बड़ा सवाल यह है कि जब परिवहन विभाग के रिकार्ड में कार मो. सलमान के नाम पर पंजीकृत है तो इसके कैसे बिना आरसी ट्रांसफर के बेचा गया।
बदरपुर बॉर्डर से दिल्ली में दाखिल हुई थी कार
सोमवार सुबह 8:04 बजे हरियाणा नंबर की संदिग्ध हुंडई i20 कार बदरपुर बॉर्डर से दिल्ली में दाखिल हुई। सुबह से लेकर दोपहर तक कई जगह चक्कर लगाया। इसके बाद लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर1 के पास पहुंची और सुनहरी मस्जिद की पार्किंग में दाखिल हुई। कार यहां लगभग 3 घंटे तक खड़ी थी। शाम 6:48 बजे करीब तीन घंटे बाद सफेद हुंडई कार पार्किंग से निकली जैसा कि सीसीटीवी में कैद हुआ और कुछ मिनटों बाद यह लाल किला मेट्रो स्टेशन गेट नं1 के पास लगे ट्रैफिक सिग्नल के पास पहुंची तेज धमाका हुआ। धमाका इतना तेज था कि इसकी गूंज चांदनी चौक के बाजार ही नहीं लाजपत राय मार्केट, भागीरथी पैलेस तक सुनाई दी।
संदिग्ध की तलाश में छापेमारी
दिल्ली ब्लास्ट से पहले हरियाणा के फरीदाबाद से डॉ मुजम्मिल के घर से 360 किलो आरडीएक्स बरामद किया गया था। साथ ही फरीदाबाद, कश्मीर और सहारनपुर में विभिन्न जगह से 2923 किलो संदिग्ध विस्फोटक, कई हथियार बरामद किए गए। सोमवार को फरीदाबाद में ही एक अन्य जगह से 2563 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया। फरीदाबाद में रह रहे कश्मीरी डॉ मुजम्मिल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, जबकि उसका साथी डॉ उमर फरार है। यही नाम संदिग्ध रूप में दिल्ली ब्लास्ट में भी सामने आ रहा है।
इन सभी के नाम श्रीनगर के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े/समर्थित बताए जा रहे हैं। दिल्ली ब्लास्ट के तार जोड़ते हुए पुलिस सहारनपुर में मेडी केयर अस्पताल के डॉ आदिल तक भी पहुंची और संदिग्ध पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस और जांच एजेंसियां हर उस शख्स तक पहुंच रही हैं, जिनके तार दिल्ली ब्लास्ट या आतंकी संगठनों से जुड़े हो सकते हैं। जम्मू कश्मीर में ही अब तक 400 से अधिक संदिग्ध ठिकानों की जांच की जा चुकी है।
मोदी सरकार में यह 8वां बड़ा आतंकी हमला है
मोदी सरकार में यह 8वां बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। हालांकि, ताजा ब्लास्ट पर अभी अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है। देश की राजधानी में घटी इस घटना को अधिक गंभीरता से लिया जा रहा है। सोमवार की शाम लाल किले के पास मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 क्षेत्र में हुए इस ब्लास्ट में 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 घायल हैं। 05 घायलों की स्थिति अभी नाजुक बनी हुई है।



