बिहार के औद्योगिक विकास और युवाओं के रोजगार के लिए 15 जून 2026 का दिन बेहद ऐतिहासिक होने जा रहा है। दक्षिण बिहार और मगध क्षेत्र के MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) परिदृश्य को पूरी तरह बदलने के लिए गया के खिज़रसराय में एक अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी सेंटर की आधारशिला रखी जा रही है।
इस भव्य परियोजना का शिलान्यास माननीय केंद्रीय MSME मंत्री जीतन राम मांझी और बिहार के माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा संयुक्त रूप से पारंपरिक ‘भूमि पूजन’ के साथ किया जाएगा।
भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन को मजबूत करने में MSME मंत्रालय के टेक्नोलॉजी और एक्सटेंशन सेंटर्स की भूमिका हमेशा से महत्वपूर्ण रही है। ये केंद्र न केवल स्थानीय उद्योगों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाते हैं, बल्कि देश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर भी करते हैं। गया का यह नया केंद्र इसी कड़ी का एक हिस्सा है।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम
खिजरसराय में बनने वाला यह सेंटर कई मायनों में खास है:
- कुल निवेश: इस प्रोजेक्ट पर कुल ₹170 करोड़ की लागत आएगी, जिसमें से ₹86 करोड़ निर्माण कार्य और ₹84 करोड़ अत्याधुनिक प्लांट और मशीनरी के लिए आवंटित किए गए हैं।
- विशाल परिसर: बिहार सरकार द्वारा प्रदान की गई 20 एकड़ की भूमि पर इसका निर्माण होगा। इसमें लगभग 16,800 वर्ग मीटर का निर्मित क्षेत्र होगा, जिसमें प्रोडक्शन ब्लॉक, ट्रेनिंग ब्लॉक, हॉस्टल और स्टाफ आवास जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
- फोकस सेक्टर्स: यह सेंटर मुख्य रूप से जनरल इंजीनियरिंग, हैवी इंजीनियरिंग और टेक्सटाइल टेस्टिंग के क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा।
किन जिलों को मिलेगा इसका सीधा फायदा?
यह टेक्नोलॉजी सेंटर केवल गया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दक्षिण बिहार और मगध क्षेत्र के कई जिलों के उद्योगों के लिए रीढ़ की हड्डी साबित होगा। इसका लाभ मुख्य रूप से इन जिलों को मिलेगा:
- गया जी
- औरंगाबाद
- नवादा
- नालंदा
- जहानाबाद
- मुंगेर
इस सेंटर में क्या-क्या सुविधाएं और सेवाएं मिलेंगी?
गया का यह टेक्नोलॉजी सेंटर स्थानीय व्यवसायों और युवाओं को तीन मुख्य श्रेणियों में सेवाएं प्रदान करेगा:
1. उन्नत उत्पादन सुविधाएं
- मोल्ड्स, डाइज, जिग्स और फिक्सचर्स के लिए टूल रूम सुविधाएं।
- CNC मशीनिंग सर्विसेज और CAD/CAM/CAE सुविधाएं।
- रैपिड प्रोटोटाइपिंग और इंडस्ट्री 4.0 लैब (Industry 4.0 Lab)।
- रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) सिस्टम और सॉल्यूशंस।
2. भविष्य के लिए तैयार ट्रेनिंग प्रोग्राम
युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के लिए यहाँ कई आधुनिक विषयों पर कोर्स कराए जाएंगे, जैसे:
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT)
- डेटा एनालिटिक्स और ऑटोमेशन
- VLSI/ES और टेक्सटाइल्स
- क्वालिटी कंट्रोल और जनरल/हैवी इंजीनियरिंग
3. बिजनेस डेवलपमेंट और एडवाइजरी सर्विसेज
क्या होगा इसका आर्थिक और सामाजिक प्रभाव?
लोकल बिजनेस को बढ़ाने के लिए मार्केट रिसर्च, प्रोडक्ट डिजाइन, सिक्स सिग्मा, डिजिटल मार्केटिंग, ब्रांडिंग, और इनक्यूबेशन जैसी जरूरी व्यावसायिक सलाह भी यहाँ दी जाएगी।
इस टेक्नोलॉजी सेंटर के चालू होने से बिहार के आर्थिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा:
- 7,000 युवाओं को ट्रेनिंग: हर साल 7,000 से अधिक छात्रों और युवाओं को उद्योग-उन्मुख शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म कोर्सेज के जरिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
- 1,000+ MSMEs को सपोर्ट: सालाना 1,000 से अधिक स्थानीय लघु उद्योगों को टूलिंग गतिविधियों और जॉब वर्क में सीधी मदद मिलेगी।
- ग्लोबल सप्लाई चेन से जुड़ाव: यह सेंटर स्थानीय MSMEs के तकनीकी अंतर को पाटेगा, जिससे वे अपने प्रोडक्ट्स को ग्लोबल मार्केट में सप्लाई कर सकेंगे।



