नई दिल्ली: 4 दिनों तक चलने वाले लोक आस्था के महापर्व छठ की आज से शुरुआत हो गई है। पहले दिन नहाय खाय है। सूबे में नदियों के किनारे छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं की भीड़ है। गंगा स्नान और सूर्य की पूजा करने के बाद व्रती छठ की शुरुआत कर रही हैं। घाटों पर ही प्रसाद बनाकर भोजन ग्रहण करेंगे। वहीं कई व्रती प्रसाद बनाने के लिए गंगाजल लेकर घर जाएंगे और कद्दू भात बनाएंगे।
महंगा हुआ लौकी
नहाय खाय पर बिहार में सब्जी महंगे बिक रहे हैं। कद्दू 150 से 170 रुपये किलो बिक रहा है। अगस्त के फूल की कीमत 700 रुपये किलो है। गोभी 50 से 60 रुपये किलो बिक रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर दिवंगत लोकगायिका शारदा सिन्हा का छठ गीत शेयर किया है। उन्होंने लिखा है- नहाय-खाय के पावन अनुष्ठान के साथ आज से चार दिवसीय महापर्व छठ का शुभारंभ हो रहा है। बिहार सहित देशभर के श्रद्धालुओं को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। सभी व्रतियों को मेरा नमन और वंदन! छठ पूजा के गीत और धुनों में भी भक्ति और प्रकृति का अद्भुत भाव भरा होता है।
छठ महापर्व आस्था, उपासना और प्रकृति प्रेम का एक अनूठा संगम है। इसमें जहां अस्ताचलगामी और उदीयमान सूर्यदेव को अर्घ्य दिया जाता है, वहीं प्रसाद में भी प्रकृति के विविध रंग समाहित होते हैं। छठ पूजा के गीत और धुनों में भी भक्ति और प्रकृति का अद्भुत भाव भरा होता है।
— Narendra Modi (@narendramodi) October 25, 2025
प्रधानमंत्री आगे लिखते हैं कि मेरा सौभाग्य है कि कल ही, मुझे बेगूसराय जाने का अवसर मिला था। बिहार कोकिला शारदा सिन्हा जी का बेगूसराय से आत्मीय रिश्ता रहा है। शारदा सिन्हा जी और बिहार के कई लोक कलाकारों ने अपने गीतों से, छठ के उत्सव को एक अलग भाव से जोड़ा है।
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नहाय खाय में क्या बनता है?
इस दिन लौकी की सब्जी, अरवा चावल, चने की दाल, आंवले की चटनी और पापड़ बनाए जाते हैं, जिन्हें प्रसाद के रूप में खाया जाता है। नहाय-खाय के दिन बनाया गया भोजन सबसे पहले व्रती स्त्री या पुरुष को परोसा जाता है। इसके बाद ही परिवार के बाकी सदस्य भोजन करते हैं।



