पटना: बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल गरमाया हुआ है। ऐसे में, नेताओं के बीच बयानबाजी का दौर भी तेज हो गया है। रविवार को अररिया में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुखिया चिराग पासवान पर तंज कसा।
तेजस्वी यादव ने चिराग पासवान को दी शादी की सलाह
वोटर अधिकार यात्रा’ के तहत अररिया पहुंचे तेजस्वी यादव से जब पत्रकारों ने चिराग पासवान के बारे में सवाल पूछा, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “चिराग पासवान को अब शादी कर लेनी चाहिए।”
तेजस्वी ने चिराग पर कटाक्ष करते हुए आगे कहा, “चिराग पासवान एक व्यक्ति विशेष के हनुमान हैं, जबकि हम जनता के हनुमान हैं।” यह बयान देकर तेजस्वी ने सीधे तौर पर चिराग पासवान के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संबंधों पर निशाना साधा, क्योंकि चिराग पासवान अक्सर खुद को पीएम मोदी का ‘हनुमान’ बताते हैं।
महागठबंधन की ‘वोटर अधिकार यात्रा’
कांग्रेस समेत महागठबंधन के कई नेता इन दिनों बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ कर रहे हैं। इस यात्रा में तेजस्वी यादव के साथ-साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सीपीआई-एमएल के दीपांकर भट्टाचार्य और विकासशील इंसान पार्टी के मुकेश सहनी जैसे बड़े नेता शामिल हैं। अररिया में हुई इस संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। बिहार में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर नेताओं के बीच इस तरह की बयानबाजी का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है, क्योंकि सभी पार्टियां और नेता अपनी चुनावी रणनीति को धार देने में लगे हुए हैं।
चुनावी माहौल और बयानबाजी
बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, और इसी वजह से राज्य में सियासी सरगर्मी काफी बढ़ गई है। सभी प्रमुख राजनीतिक दल और उनके नेता जनता के बीच अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान, एक-दूसरे पर निशाना साधना और बयानबाजी करना आम बात हो गई है।
तेजस्वी यादव और चिराग पासवान, दोनों ही बिहार की राजनीति में युवा और महत्वपूर्ण चेहरे हैं। इन दोनों के बीच अक्सर जुबानी जंग देखने को मिलती है। तेजस्वी यादव का चिराग पासवान पर किया गया यह व्यंग्यात्मक हमला भी इसी चुनावी बयानबाजी का एक हिस्सा है।
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चिराग पासवान और ‘हनुमान’ का संदर्भ
तेजस्वी यादव का यह कहना कि “चिराग पासवान एक व्यक्ति विशेष के हनुमान हैं,” एक सीधा राजनीतिक निशाना है। दरअसल, चिराग पासवान अक्सर खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘हनुमान’ बताते हैं और उनके प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त करते हैं। तेजस्वी ने इसी बात का फायदा उठाकर यह दर्शाने की कोशिश की है कि चिराग पासवान केवल एक व्यक्ति के प्रति समर्पित हैं, जबकि वे खुद को “जनता का हनुमान” बताकर आम लोगों के साथ जुड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
यह बयान तेजस्वी यादव की चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जिसके जरिए वे चिराग पासवान को प्रधानमंत्री के ‘हनुमान’ के रूप में पेश करके मतदाताओं को यह संदेश देना चाहते हैं कि चिराग पासवान का ध्यान जनता से ज्यादा प्रधानमंत्री पर है।



