पटना: बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है, जहां भारतीय जनता पार्टी ने जन सुराज अभियान के संस्थापक प्रशांत किशोर पर गंभीर आपराधिक आरोप लगाते हुए उन्हें “राजनीतिक चोर” करार दिया है। एक पुराने दर्ज मुकदमे का हवाला देते हुए और IPC की कई धाराएं लगाते हुए बीजेपी ने दावा किया है कि किशोर जालसाजी, धोखाधड़ी और विश्वासघात जैसे संगीन मामलों में नामजद हैं और अब तक बेल पर चल रहे हैं।
मामला और आरोप
पटना के पाटलिपुत्र थाने में केस संख्या 94/2020 में प्रशांत किशोर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है। इन धाराओं में 467 (फोर्जरी), 468 (फोर्जरी के लिए उपकरण बनाना), 471 (फोर्ज किये गए दस्तावेज का इस्तेमाल), 420 (धोखाधड़ी), 406 (विश्वासघात), और 120बी (साजिश) शामिल हैं। इन्हें लेकर बीजेपी ने कहा है कि प्रशांत किशोर एक सुनियोजित जालसाजी और राजनीतिक धोखाधड़ी के आरोपी हैं और वे नेता नहीं बल्कि राजनैतिक चोर हैं। इस मामले में वह बेल पर हैं।
बीजेपी का आरोप
बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दानिश इकबाल और प्रेस पैनलिस्ट नीरज कुमार ने प्रशांत किशोर को कठोर शब्दों में जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर दूसरों को नैतिकता का पाठ पढ़ाते हैं, पर खुद जालसाजी, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपियों में से हैं। उन्होंने बिहार की जनता से प्रशांत किशोर से माफी मांगने की मांग की है और बताया कि जन सुराज के माध्यम से वे जनता को गुमराह कर रहे हैं।
डेटा चोरी का मामला
बीजेपी आरोप लगाती है कि एक कांग्रेस के सक्रिय सदस्य शाश्वत गौतम ने 25 फरवरी 2020 को पाटलिपुत्र थाने में शिकायत की थी कि उनके पास से ओसामा खुर्शीद नामक व्यक्ति ने उनका लैपटॉप चोरी कर लिया, जिसमें ‘बिहार की बात’ अभियान से जुड़ी बौद्धिक संपदा और सामग्री थी। ओसामा ने वह सामग्री प्रशांत किशोर को दे दी थी, जिसके आधार पर ‘जन सुराज’ ने अभियान शुरू किया। बीजेपी का कहना है कि यह एक साजिश थी और प्रशांत किशोर इसमें शामिल हैं।
बीजेपी नेता वर्ग के आरोप
इसके अलावा, बीजेपी के कार्यसमिति सदस्य कृष्ण कुमार सिंह ने प्रशांत किशोर पर मीडिया कॉन्क्लेव के दौरान भाजपा नेताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर गलत आरोप लगाए, जैसे उनका असली नाम बदलकर सम्राट चौधरी रखा गया है, और बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल की छवि खराब करने की कोशिश की। इस मामले में भी प्राथमिकी गांधी मैदान थाना में दर्ज की गई है और जांच जारी है।
साइबर सेल शिकायत
बीजेपी ने साइबर थाना में भी शिकायत दर्ज कराई है कि प्रशांत किशोर ने बीजेपी बिहार का फर्जी फेसबुक पेज बनाया, जिसका दुरुपयोग कर अपनी प्रचार सामग्री फैलाई जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने इस पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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राजनीतिक लड़ाई और जवाब-तोड़
इस पूरे विवाद के बीच राजनैतिक बयानबाजी तेज है। प्रशांत किशोर और बीजेपी नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने भाजपा के संपर्क प्रयासों का जवाब नहीं दिया है। सार्वजनिक तौर पर किशोर की भूमिका पर कानूनी और राजनीतिक दबाव जारी है, और मामले की जांच पटना पुलिस के स्तर पर चल रही है।
गौरतलब है कि एक सुनियोजित राजनीतिक टकराव के तहत प्रशांत किशोर पर भारी आरोप लगते हुए उन्हें गंभीर फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी के मामलों में शामिल बताया जा रहा है, जबकि वे स्वयं भाजपा और उसके नेताओं पर भी तीखे आरोप लगाते रहे हैं। दोनों पक्षों की बयानबाजी जारी है, जिससे बिहार की राजनीति में तनाव और विवाद बना हुआ है।



