गया: बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले PM नरेंद्र मोदी ने गया में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए घुसपैठियों के मुद्दे पर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर बिहार के लोग सावधान नहीं हुए तो कांग्रेस और राजद जैसी पार्टियां वोट के लालच में घुसपैठियों को जमीन देकर बिहार का भविष्य और यहां के लोगों का रोजगार छीन सकती हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि घुसपैठियों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए जल्द ही ‘डेमोग्राफी मिशन’ शुरू किया जाएगा।
सीमावर्ती क्षेत्रों में बदल रही है डेमोग्राफी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बिहार के सीमावर्ती जिलों में घुसपैठियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे इन क्षेत्रों की डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी) बदल रही है। उन्होंने इस समस्या को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि घुसपैठिए अब मतदाता बनकर बिहार का भविष्य तय करने की स्थिति में आ गए हैं। उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या वे घुसपैठियों को अपना रोजगार छीनने देंगे और क्या उन्हें देश से बाहर नहीं किया जाना चाहिए।
विपक्ष की ‘वोट अधिकार यात्रा’ पर हमला
पीएम मोदी की यह तल्ख टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विपक्ष के नेता, जैसे राहुल गांधी (कांग्रेस) और तेजस्वी यादव (राजद), बिहार में “वोट अधिकार यात्रा” पर निकले हुए हैं। यह यात्रा बिहार में कथित वोट चोरी के आरोपों के खिलाफ है। प्रधानमंत्री ने बिना नाम लिए विपक्षी दलों पर वोट की राजनीति के लिए घुसपैठियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का यह कदम बिहार के लोगों के साथ धोखा है।
13 हजार करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास
अपनी यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री ने गया में 13 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इनमें प्रमुख हैं:
- वंदे भारत ट्रेन: गया से दिल्ली के बीच नई वंदे भारत ट्रेन सेवा की शुरुआत।
- रेल सेवा: वैशाली से राजगीर और गया होते हुए कोडरमा तक नई रेल सेवा का शुभारंभ।
- कैंसर अस्पताल: मुजफ्फरपुर में होमी भाभा कैंसर अस्पताल और रिसर्च सेंटर का उद्घाटन।
- मोकामा-बेगूसराय पुल: दक्षिण और उत्तर बिहार को जोड़ने वाले इस छह लेन पुल का उद्घाटन, जिससे यात्रा की दूरी 150 किलोमीटर कम हो जाएगी।
भ्रष्टाचार और ‘लालटेन राज’ पर प्रहार
पीएम मोदी ने अपने भाषण में ‘लालटेन राज’ (राजद शासन) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लालू-राबड़ी और तेजस्वी का नाम लिए बिना, कहा कि पहले बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी और माओवादी आतंक का बोलबाला था। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की सरकारें जनता की सुविधाओं पर खर्च करने के बजाय अपनी तिजोरियां भर रही थीं। उन्होंने भ्रष्टाचार पर बोलते हुए कहा कि सरकार भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कड़ा कानून ला रही है, जिसके तहत जेल से शासन चलाने की अनुमति नहीं होगी।
नीतीश सरकार के काम की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी ने नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पक्की सरकारी नौकरी देने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने विधवाओं और बेसहाराओं की पेंशन बढ़ाने और 125 यूनिट तक की बिजली मुफ्त करने जैसी योजनाओं की भी तारीफ की।
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राजनीतिक हलचल और एनडीए एकजुटता
इस सभा में एनडीए के कई प्रमुख नेता, जैसे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और चिराग पासवान मौजूद थे। जीतन राम मांझी ने प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए कहा कि बिहार को विशेष राज्य के दर्जे से ज्यादा मिल चुका है। मंच पर जीतन राम मांझी के परिवार के चार सदस्य भी मौजूद थे। वहीं, राजद की विधायक विभा देवी की मंच पर मौजूदगी ने भी राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, जिससे जदयू के साथ उनकी निकटता के संकेत मिल रहे हैं।
राजनीतिक संकेत: इस सभा को आगामी चुनावों के लिए एनडीए के अभियान की शुरुआत माना जा रहा है, जिसमें भाजपा, जदयू और अन्य सहयोगी दलों ने अपनी एकजुटता दिखाई।



