दरभंगा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के बारे में अपशब्द कहने के आरोप में बिहार के दरभंगा से मोहम्मद रिजवी उर्फ राजा को गिरफ्तार किया गया है। रिजवी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, रिजवी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। वह पेशे से पंक्चर बनाने वाला और ड्राइवर है।
ओवैसी से जुड़ाव और एनआरसी आंदोलन में भूमिका
पुलिस जांच में पता चला है कि मोहम्मद रिजवी किसी भी प्रमुख राजनीतिक दल जैसे बीजेपी या कांग्रेस से जुड़ा हुआ नहीं है। हालांकि, उसके गांव के लोग और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वह हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी का प्रशंसक है। बताया जाता है कि रिजवी को ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) के कई कार्यक्रमों में भी देखा गया है। इसके अलावा, दरभंगा जिले में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ हुए आंदोलन में भी उसकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।
वायरल वीडियो से हुई पहचान
यह घटना तब हुई जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान दरभंगा में एक स्वागत मंच बनाया गया था। हालांकि, घटना के समय दोनों नेता मंच पर मौजूद नहीं थे. इसी मंच से मोहम्मद रिजवी ने प्रधानमंत्री के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। भाजपा ने इस घटना को लेकर महागठबंधन पर हमला किया, जबकि कांग्रेस और आरजेडी ने इसे बदनाम करने की साजिश बताया। भाजपा विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा और भाजपा जिलाध्यक्ष प्रो. आदित्य नारायण चौधरी मन्ना ने पुलिस को शिकायत दी, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर रिजवी की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
आगे की कार्रवाई और अन्य आरोपियों की तलाश
पुलिस ने कहा है कि इस मामले में अभी और गिरफ्तारियां होंगी। वीडियो फुटेज की मदद से अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस स्वागत मंच बनाने वाले स्थानीय नेता मोहम्मद नौशाद की भी तलाश कर रही है।
अभद्र टिप्पणी: रिजवी ने सार्वजनिक मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के बारे में आपत्तिजनक और अपशब्दों का इस्तेमाल किया, जिसका वीडियो वायरल हो गया। इस तरह की भाषा को राजनीति में एक निम्न स्तर का माना जाता है, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों में नाराजगी फैल गई। कई राजनेताओं और आम लोगों ने इस कृत्य की निंदा की।
राजनीतिक संबद्धता: रिजवी की गिरफ्तारी के बाद उसकी राजनीतिक संबद्धता को लेकर सवाल उठे। यह सामने आया कि वह असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम का प्रशंसक है और एनआरसी विरोधी आंदोलनों में भी सक्रिय रहा है। वहीं, कांग्रेस और भाजपा दोनों ने ही उसके अपनी पार्टी से जुड़े होने से इनकार किया, जिससे यह मामला और भी जटिल हो गया।
बिहार चुनाव 2025: यह घटना बिहार में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान और गिरफ्तारियां चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकती हैं। दोनों प्रमुख गठबंधन, एनडीए और महागठबंधन, इस घटना का इस्तेमाल एक-दूसरे पर निशाना साधने के लिए कर रहे हैं।
कानूनी कार्रवाई: दरभंगा पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए रिजवी को गिरफ्तार किया और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि वीडियो फुटेज के आधार पर इस घटना में शामिल अन्य लोगों को भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। यह कानूनी कार्रवाई संदेश देती है कि इस तरह के कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस घटना के बाद, विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया था कि रिजवी को जानबूझकर भाजपा द्वारा भेजा गया था ताकि यात्रा में बाधा डाली जा सके। हालांकि, स्थानीय कांग्रेस और भाजपा दोनों ने ही रिजवी से किसी भी तरह के पार्टी संबंध होने से इनकार किया है।



