पटना: बिहार विधानसभा में बृहस्पितवार नेता प्रतिपक्ष तेजवी यादव के संबोधन के दौरान माहौल गरमा गया। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उनकी बहस हो गई। बाद में राजद और भाजपा के विधायक आपस में उलझ गए। मारपीट की नौबत आते देख विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
बिहार विधानसभा में नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा है कि वो अब चुनाव की घोषणा होने तक चुप रहेंगे और नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही चुनावी वादों का ऐलान करेंगे। सदन में भाषण देते हुए तेजस्वी यादव ने पेंशन बढ़ाने, फ्री बिजली, युवा आयोग जैसे अपने वादों का जिक्र करते हुए कहा कि नकलची सरकार उनके पीछे-पीछे चल रही है।
वोटर लिस्ट रिवीजन पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और तेजस्वी यादव के बीच बहस के बाद दोनों तरफ से हंगामा हो गया। विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने सदन को शाम 4 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। इससे पहले सुबह सदन भी कार्यवाही शुरू होने के बाद विपक्षी सदस्यों द्वारा हंगामा करने के चलते सदन स्थगित हुआ था।
शाम 4 बजे जब कार्यवाही फिर से शुरू हुई, तो विपक्ष ने वेल में आकर जमकर हंगामा किया। हंगामे के बीच ही विनियोग विधेयक पारित कर दिया और सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित हो गई।
दरअसल, तेजस्वी यादन ने अपने संबोधन के दौरान पेपर लीक समेत दूसरे मुद्दों पर नीतीश सरकार को घेरना शुरू किया तो उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपनी सीट से खड़े हो गए। उन्होंने तेजवी से सबूत मांगा। दोनों नेता के बीच कुछ देर बहस हुई। विस अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद दोनों नेता शांत हुए।
कुछ देर तेजस्वी अपना भाषण देते रहे। इस दौरान उहोंने फिर से सरकार की की नीतियों और कानून व्यवस्था समेत कुछ अन्य मुद्दों पर सवाल उठाए। इस पर सम्राट चौधरी फिर भड़क गए। चौधरी ने तेजस्वी से कहा, ‘आपको बोलने का हक नहीं है, जिसका पिता अपराधी हो, वो क्या बोलेगा।’
राजद और भाजपा सदस्यों को मार्शल ने रोका
इस दौरान विपक्ष के विधायक अपनी सीटों पर उठ खड़े हो गए और हंगामा करने लगे। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने भी अपनी सीट छोड़ दी थी। भाजपा विधायक जनक सिंह ने राजद पर इसी दौरान टिप्पणी की। इससे माहौल और गरम हो गया। राजद विधायक वेल में आ गए और बांहें चढ़ाकर भाजपा विधायकों की ओर बढ़ने लगे। निशाने पर जनक सिंह थे। सदन में दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। मामला बढ़ता देख सुरक्षा कर्मियों ने दोनों पक्षों को रोका। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन कार्यवाही स्थगित कर दी। हालांकि, सदन स्थगित होनेके बाद भी कुछ देर तक दोनों पक्षों की ओर से मारपीट की स्थिति बनी रही। माहौल शांत करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को काफी मशकत करनी पड़ी।



