नई दिल्ली: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद से चल रही तमाम अटकलों पर अब विराम लग गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने पहली बार इस मुद्दे पर खुलकर बात की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि धनखड़ ने अपने स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ा है और किसी भी तरह की राजनीतिक साजिश की बात गलत है। इस दौरान अमित शाह ने विपक्ष के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी पर भी हमला बोला। उन्होंने रेड्डी पर वामपंथी विचारधारा का समर्थन करने और नक्सलवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। शाह का यह बयान, जो उन्होंने जगदीप धनखड़ के इस्तीफे और नए उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के चयन पर दिया है, नीचे विस्तार से दिया गया है।
जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर क्या बोले अमित शाह
अमित शाह ने साफ किया कि जगदीप धनखड़ ने अपने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर रहते हुए धनखड़ ने संविधान के अनुसार बहुत अच्छा काम किया। अमित शाह ने सरकार के सभी सदस्यों और प्रधानमंत्री की तरफ से उनके कार्यकाल के लिए धन्यवाद दिया।
अटकलों का खंडन: ऐसी खबरें थीं कि धनखड़ किसी तरह के ‘तख्तापलट’ की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अमित शाह ने इन खबरों का खंडन करते हुए कहा कि ये बातें बेबुनियाद हैं और इन्हें बेवजह तूल नहीं देना चाहिए।
नए उपराष्ट्रपति उम्मीदवार पर बयान
अमित शाह ने नए उपराष्ट्रपति उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के चुनाव पर भी बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें देश के पूर्वी हिस्से से होने के कारण चुना गया है। प्रधानमंत्री का ताल्लुक पश्चिम और उत्तर से है, जबकि उपराष्ट्रपति का चुनाव पूर्वी भारत को प्रतिनिधित्व देने के लिए किया गया है।
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विपक्ष के उम्मीदवार पर हमला
अमित शाह ने विपक्ष के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी पर भी निशाना साधा। उन्होंने रेड्डी पर वामपंथी विचारधारा का समर्थन करने और नक्सलवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
- सलवा जुडूम का मामला: अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद से निपटने के लिए लाई गई ‘सलवा जुडूम’ पहल को सुदर्शन रेड्डी ने खारिज कर दिया था। अमित शाह के अनुसार, उनके इस फैसले की वजह से देश में दो दशक और नक्सलवाद का खतरा बना रहा।
- रेड्डी का जवाब: अमित शाह के आरोपों पर सुदर्शन रेड्डी पहले ही जवाब दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि अमित शाह को उनके 40 पन्नों के फैसले को पहले पढ़ना चाहिए।
अमित शाह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उपराष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया चल रही है और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप अपने चरम पर हैं।




