हाजीपुर: बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक तूफान मचा हुआ है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने मतदाता सूवी में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। जिस पर केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने पलटवार करते हुए कहा तेजस्वी प्रसाद यादव को लोकतंत्र में नहीं, बल्कि परिवारवाद में विश्वास है, इसलिए चुनाव बहिष्कार की बात कर रहे हैं। लोकतंत्र की लड़ाई में चुनाव बहिष्कार की बात करना अलोकतांत्रिक है। 2025 के विधानसभा चुनाव में उनकी पराजय सुनिश्चित है इसलिए वे इसके डर से अभी से बहाने ढूंढ रहे हैं।
वैशाली जिला के हाजीपुर पहुंचे केंद्रीय गृहराज्य मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के चुनाव वहिष्कार पर तेजस्वी यादव पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कहा कि वह स्पस्ट रूप से बताना चाहते है कि चुनाव लोकतंत्र का महापर्व है। ऐसे में नेता प्रतिपक्ष चुनाव का बहिष्कार करने की सोच है तो वह हार से भयभीत हो गए है। 2025 के विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन का सुपड़ा साफ होने वाला है।
हार को देख कर राजद में हाहाकार मची है, इसलिए तेजस्वी यादव विचित्र तरह के बयान दे रहे हैं। नित्यानंद ने पूछा क्या तेजस्वी बांग्लादेशी, रोहिंग्या और घुसपैठियों की बदौलत चुनाव जीतना चाहते हैं । लोकतंत्र तो अमर है, तेजस्वी यादव के लड़ने या ना लड़ने से कोई फर्क नहीं पड़ता है लेकिन यह बयान देकर उन्होंने लोकतंत्र का तिरस्कार किया है। उन्हें मूल मतदाता सूची पर भरोसा नहीं है, अगर भरोसा है तो उन अवैध मतदाताओं पर जिन्होंने छल से अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करवा लिया है।
जब चुनाव आयोग के द्वारा बिहार के मतदाता सूची का पुनरीक्षण तय हुआ और यह कार्यक्रम शुरू हुआ तो अब तक 98 प्रतिशत लोगों ने अपना प्रपत्र जमा कर दिया है। अभी भी कई दिन शंष है ताकि बचे लोग अपना प्रपत्र जमा कर सकें। ये लोग सिर्फ भ्रम फैला रहे हैं और जमा प्रपत्र से यह पता चलता है कि लोग जागरूक हैं। जो अवैध मतदाता हैं उनका नाम हर हाल में कटेगा। लोकतंत्र में चुनाव बहिष्कार की बात सोचना अलोकतांत्रिक है और उन्हें लोकतंत्र में विश्वास नहीं है।



