नई दिल्ली: नया साल 2026 शुरू होने से ठीक पहले देश के करोड़ों लोगों के जश्न पर ‘हड़ताल’ का साया मंडरा रहा है। ऑनलाइन फूड और ग्रोसरी डिलीवरी करने वाली प्रमुख कंपनियों—स्विगी, जोमैटो, जेप्टो और अमेजन—के हजारों डिलीवरी एजेंट ( गिग वर्कर्स प्रोटेस्ट) देशभर में सड़कों पर उतरे स्विगी-जोमैटो के डिलीवरी एजेंटबुधवार, 31 दिसंबर को देशव्यापी हड़ताल पर चले गए हैं। ‘इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स’ (IFAT) और ‘तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन’ (TGPWU) के आह्वान पर बुलाई गई इस हड़ताल के कारण आज रात होने वाली डिलीवरी सेवाओं में भारी देरी या बाधा आने की आशंका है।
क्या हैं डिलीवरी बॉयज की प्रमुख मांगें?
यूनियन के अध्यक्ष शेख सलाउद्दीन के अनुसार, कंपनियों की “अनुचित नीतियों” के खिलाफ यह मोर्चा खोला गया है। उनकी 5 प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- पुराना पेमेंट स्ट्रक्चर: त्योहारों (दशहरा, दिवाली, ईद) के दौरान पहले मिलने वाले बेहतर भुगतान और इंसेंटिव को नियमित रूप से बहाल किया जाए।
- 10 मिनट डिलीवरी पर रोक: ‘अल्ट्रा-फास्ट’ या 10 मिनट की डिलीवरी सर्विस को बंद किया जाए, क्योंकि यह डिलीवरी एजेंटों की जान जोखिम में डालती है।
- आईडी ब्लॉकिंग पर रोक: बिना किसी ठोस कारण या जांच के डिलीवरी पार्टनर्स की आईडी ब्लॉक करना बंद हो।
- सामाजिक सुरक्षा: सभी गिग वर्कर्स को स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा और पेंशन जैसी बुनियादी सुविधाएं दी जाएं।
- पारदर्शी एल्गोरिदम: वेतन और प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) तय करने वाले एल्गोरिदम में पारदर्शिता लाई जाए ताकि एजेंटों को पता रहे कि उनकी कमाई कैसे तय हो रही है।
कंपनियों की जवाबी तैयारी
हड़ताल के बीच जोमैटो और स्विगी जैसी कंपनियों ने डिलीवरी सुचारू रखने के लिए डिलीवरी पार्टनर्स को भारी इंसेंटिव देने की घोषणा की है। जोमैटो ने पीक आवर्स (शाम 6 से रात 12 बजे) के बीच प्रति ऑर्डर ₹120 से ₹150 तक देने का वादा किया है, वहीं स्विगी ने भी नए साल के जश्न के लिए विशेष बोनस का ऐलान किया है।
उपभोक्ताओं पर असर
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, हैदराबाद और मुंबई जैसे बड़े शहरों में 50 से 60 प्रतिशत तक ऑर्डर प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि कंपनियां स्थिति संभालने का दावा कर रही हैं, लेकिन उपभोक्ताओं को आज रात लंबी प्रतीक्षा (Waiting Time) या ऑर्डर रद्द होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।



