भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा के वनडे करियर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ चल रही तीन मैचों की वनडे सीरीज के तीसरे मुकाबले के बाद उनके संन्यास की अटकलें लगाई जा रही हैं। इसकी वजह जडेजा का हालिया फीका प्रदर्शन और उनके पूर्व अंडर-19 साथी श्रीवत्स गोस्वामी का सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ट्वीट है।

जडेजा ने इस सीरीज़ के तीनों वनडे मुकाबले खेले, लेकिन एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके। इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेले गए निर्णायक तीसरे वनडे में उन्होंने 6 ओवर में 41 रन खर्च किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। इससे पहले दो मैचों में भी उन्होंने क्रमशः 9 और 8 ओवर गेंदबाज़ी की, परंतु कोई विकेट नहीं ले पाए। आंकड़ों पर नज़र डालें तो जडेजा ने अपने पिछले छह वनडे मैचों में केवल एक विकेट लिया है।
खराब गेंदबाज़ी के साथ-साथ बल्लेबाज़ी में भी जडेजा हाल के मैचों में प्रभाव छोड़ने में असफल रहे हैं। दूसरे वनडे में उन्हें अहम पारी खेलने का मौका मिला था, लेकिन वे 44 गेंदों में सिर्फ 27 रन बनाकर आउट हो गए।
इसी बीच भारत की 2008 अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य और जडेजा के पूर्व साथी श्रीवत्स गोस्वामी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा की, जिसने बहस को और हवा दे दी। गोस्वामी ने लिखा कि उन्हें यह अहसास हो रहा है कि न्यूज़ीलैंड के खिलाफ तीसरा वनडे जडेजा का आखिरी 50 ओवर का मैच हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि जडेजा भारत के लिए लंबे समय तक मैच विनर रहे हैं और अगर वह चुपचाप वनडे क्रिकेट से विदा लेते हैं, तो प्रशंसकों को उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई देनी चाहिए, क्योंकि भारत अब अगली वनडे सीरीज़ जून में इंग्लैंड के खिलाफ खेलेगा।
हालांकि, अभी तक न तो रविंद्र जडेजा और न ही भारतीय टीम प्रबंधन की ओर से संन्यास को लेकर कोई आधिकारिक बयान आया है। लेकिन मौजूदा फॉर्म, टीम संयोजन और भविष्य की योजनाओं को देखते हुए यह चर्चा क्रिकेट गलियारों में तेज़ हो गई है कि क्या भारतीय क्रिकेट एक और दिग्गज को वनडे प्रारूप में अलविदा कहने जा रहा है।



