नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ की डिस्प्ले पिक्चर बदलकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का आधिकारिक लोगो लगाया है। प्रधानमंत्री ने इसके साथ ही एक भावुक संदेश में लिखा कि देश हमारी सेनाओं के अदम्य शौर्य और बलिदान को सलाम करता है। यह पहल पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में किए गए ऐतिहासिक सैन्य ऑपरेशन की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों को सम्मान देने के उद्देश्य से की गई है।
पहलगाम का जख्म और सेना का पलटवार
अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक कायरतापूर्ण आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इस हमले ने पूरे देश को आक्रोश से भर दिया था। इसके ठीक बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में सक्रिय आतंकी ढांचे को नेस्तनाबूद करने के लिए एक व्यापक सैन्य अभियान की योजना बनाई थी।
A year ago, during #OperationSindoor, our armed forces showcased their valour and gave a firm response to those who attacked our people. Every Indian is proud of our armed forces. As a mark of respect to our forces and their success during #OperationSindoor, let us all change our… pic.twitter.com/w4A3j1bGTw
— Narendra Modi (@narendramodi) May 7, 2026
आतंकियों के 9 लॉन्चपैड किए थे ध्वस्त
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की शुरुआत 7 मई 2025 को हुई थी। इस मिशन के दौरान भारतीय जांबाजों ने सीमा पार घुसकर आतंकियों के 9 बड़े लॉन्चपैड्स को पूरी तरह तबाह कर दिया था। इस सर्जिकल स्ट्राइक में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे खतरनाक संगठनों के ट्रेनिंग सेंटर्स को निशाना बनाया गया था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस एक रात की कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया गया था।
क्यों रखा गया ‘सिंदूर’ नाम?
8 मई 2025 को सैन्य अधिकारियों द्वारा बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस ऑपरेशन के नामकरण से जुड़ा एक बेहद भावुक तथ्य सामने आया था। जानकारी के मुताबिक, इस मिशन के लिए कुल 5 नामों पर विचार किया गया था, जिनमें अंतिम दो नाम ‘ऑपरेशन मंगलसूत्र’ और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थे। चूंकि पहलगाम हमले में कई महिलाओं ने अपने जीवनसाथी खो दिए थे और उनका सुहाग उजड़ गया था, इसलिए प्रधानमंत्री मोदी ने व्यक्तिगत रूप से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम को मंजूरी दी।



