नई दिल्ली: भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन (Lakshya Sen) ने एक बार फिर कमाल का प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर 500 (Australian Open Super 500) टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है। शुक्रवार, 22 नवंबर को खेले गए सेमीफाइनल (Badminton Semifinal) मुकाबले में लक्ष्य ने चीनी ताइपे के विश्व नंबर-6 और दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी चौ तिएन चेन (Chou Tien Chen) को रोमांचक मैच में शिकस्त दी। लगातार उतार-चढ़ाव भरे 86 मिनट के इस मुकाबले में लक्ष्य ने 17-21, 24-22, 21-16 से शानदार वापसी करते हुए जीत पक्की की।
पहला गेम: चेन की मजबूत शुरुआत
मुकाबले की शुरुआत भारतीय खिलाड़ी के लिए चुनौतीपूर्ण रही। चेन ने तेजी और आक्रामक रणनीति के दम पर अर्ली मोमेंटुम हासिल किया और 11-6 की बढ़त बना ली। लक्ष्य ने कुछ बेहतरीन विनिंग शॉट्स जरूर लगाए, लेकिन गेम को अपने पक्ष में मोड़ने के लिए यह काफी नहीं रहा। चेन ने पहला गेम 21-17 से जीतते हुए बढ़त बना ली और ऐसा लगा कि मैच जल्दी खत्म हो सकता है।
दूसरा गेम: हार की कगार से वापसी
दूसरा गेम मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। दोनों खिलाड़ियों के बीच हर अंक के लिए कड़ी टक्कर हुई। एक समय चेन 17-15 से आगे थे और उन्होंने लक्ष्य पर दो मैच प्वाइंट भी बना लिए। लेकिन यहीं लक्ष्य की जुझारू मानसिकता देखने को मिली-उन्होंने लगातार दमदार स्मैश और नेट प्ले के दम पर चेन के मैच प्वाइंट बचाए और गेम को 24-22 से अपने नाम कर लिया। इस जीत ने न सिर्फ मैच को बराबरी पर ला दिया बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी बड़ा इजाफा किया।
तीसरा गेम: भारतीय शटलर का दबदबा
निर्णायक गेम में लक्ष्य पूरे नियंत्रण में नजर आए। उनकी फुटवर्क और शॉट सिलेक्शन बेहतरीन रहा, वहीं चेन की थकान साफ दिखने लगी। लक्ष्य ने बढ़त हासिल की और इसे आखिरी तक बनाए रखा। अंत में उन्होंने 21-16 से जीत दर्ज कर फाइनल का टिकट पक्का किया। यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि चेन के खिलाफ लक्ष्य के पिछले कई मुकाबलों में कड़ी चुनौती देखने को मिली थी।
फाइनल में किससे होगी भिड़ंत?
अब लक्ष्य सेन खिताब जीतने से केवल एक कदम दूर हैं। फाइनल में उनका सामना जापान के युशी तनाका या चीनी ताइपे के लिन चुने यी में से किसी एक से होगा। इस सीजन लक्ष्य ने कई बड़े खिलाड़ियों को हराया है और लगातार सेमीफाइनल तक पहुंचते रहे हैं, लेकिन खिताब अक्सर हाथ से फिसल जाता है। इस बार उम्मीद है कि वह इस सिलसिले को खत्म कर ट्रॉफी भारत के नाम करेंगे।
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लक्ष्य सेन की यह जीत उनके आत्मबल, फिटनेस और निरंतर मेहनत की प्रतीक है। भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों की निगाहें अब फाइनल पर टिक गई हैं, जहां सभी को उनसे स्वर्णिम प्रदर्शन की उम्मीद है।



