नई दिल्ली। दिल्ली की सियासत में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक हरीश खुराना ने आम आदमी पार्टी (AAP) और उसके नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार के कामकाज को विपक्ष पचा नहीं पा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लिए जा रहे फैसलों से आम आदमी पार्टी के नेता असहज हैं और इसी वजह से वे लगातार बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं और जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

हरीश खुराना ने कहा कि दिल्ली की राजनीति में अब एक नया चेहरा सामने आया है, जो राहुल गांधी की तरह बयानबाजी कर रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज खुद ही “सेल्फ गोल” कर रहे हैं और हर मुद्दे में बीजेपी को दोषी ठहराने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि हकीकत कुछ और ही है।
2020 के पुराने मामले को लेकर हो रही राजनीति
बीजेपी विधायक ने कहा कि जिस मामले को लेकर सौरभ भारद्वाज सवाल उठा रहे हैं, वह कोई नया मामला नहीं है, बल्कि साल 2020 से जुड़ा हुआ है। उस समय दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार थी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल थे। खुराना ने कहा कि उस समय अगर कोई गड़बड़ी हुई थी, तो उसकी जिम्मेदारी भी उसी सरकार की बनती है।

उन्होंने आगे कहा कि जिस एपीजे स्कूल का जिक्र किया जा रहा है, वहां साल 2025 में बच्चों के रोल नंबर रोके गए थे। उस समय भी दिल्ली में आम आदमी पार्टी की ही सरकार थी और मुख्यमंत्री आतिशी थीं। ऐसे में अब इस मामले को लेकर बीजेपी पर आरोप लगाना पूरी तरह से राजनीतिक बयानबाजी है।
बीजेपी सरकार ने बच्चों के हित में बनाया नया कानून – हरीश खुराना
हरीश खुराना ने कहा कि मौजूदा बीजेपी सरकार ने इस तरह की समस्याओं को खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि अब नया कानून बनाया गया है, जिसके तहत किसी भी छात्र का रोल नंबर नहीं रोका जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य साफ है कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे और उन्हें किसी भी तरह की प्रशासनिक या संस्थागत परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सरकार द्वारा लाए गए इस नए बिल का विरोध कौन-सी एनजीओ कर रही है और उस एनजीओ का आम आदमी पार्टी से क्या संबंध है।
“जस्टिस फॉर ऑल” NGO और AAP के संबंधों पर सवाल
बीजेपी विधायक ने “जस्टिस फॉर ऑल” नाम की एनजीओ का जिक्र करते हुए कहा कि इस संगठन की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस एनजीओ का संबंध आम आदमी पार्टी के नेताओं से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
खुराना ने कहा कि यह भी जांच का विषय है कि इस एनजीओ को फंडिंग कहां से मिल रही है और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। उन्होंने मांग की कि दिल्ली सरकार इस पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
हरीश खुराना ने मैनेजमेंट कोटे के एडमिशन पर भी उठाए सवाल
हरीश खुराना ने आम आदमी पार्टी पर मैनेजमेंट कोटे के तहत बड़े पैमाने पर एडमिशन कराने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार थी, तब इस तरह की गड़बड़ियों को रोकने के लिए कोई सख्त कानून क्यों नहीं बनाया गया।
उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
एडमिशन की सूची सार्वजनिक करने की तैयारी
बीजेपी विधायक ने कहा कि जल्द ही रेखा गुप्ता सरकार मैनेजमेंट कोटे से कराए गए सभी एडमिशन की सूची सार्वजनिक करेगी। उन्होंने कहा कि इससे यह साफ हो जाएगा कि किस तरह से एडमिशन प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई थीं।
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर दिल्ली की राजनीति में गर्मी बढ़ गई है। बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सामने आता है और इस राजनीतिक विवाद का क्या परिणाम निकलता है।
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