लखनऊ | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर आयोजित ‘जनता दर्शन’ के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए फरियादियों की समस्याओं को सुना।
मुख्यमंत्री ने कड़े लहजे में अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनता की शिकायतों का निस्तारण स्थानीय स्तर (जनपद और मंडल) पर ही सुनिश्चित किया जाए ताकि लोगों को छोटी समस्याओं के लिए लखनऊ की दौड़ न लगानी पड़े।
स्थानीय स्तर पर शिकायतों के निस्तारण की अपील
जनता दर्शन में आए हर व्यक्ति से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से एक विशेष अपील भी की।
उन्होंने कहा, “नागरिक अपनी समस्याओं को लेकर पहले जनपद और मंडल स्तर के अधिकारियों से अवश्य मिलें। सरकार का हर अधिकारी जनहित के लिए प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं होता है, तभी लखनऊ का रुख करें, क्योंकि हर पीड़ित को न्याय दिलाना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।
निवेशकों की समस्याओं पर सख्त रुख
कार्यक्रम के दौरान कुछ उद्यमियों ने अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए सीएम योगी ने यूपीसीडा और जिला प्रशासन को समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा:
“प्रदेश में निवेश के लिए बेहतरीन माहौल तैयार किया गया है। निवेशकों और उद्यमियों के काम में किसी भी स्तर पर देरी या लापरवाही कतई स्वीकार नहीं की जाएगी।”
शिक्षा के साथ खेल भी जरूरी
जनता दर्शन में एक नागरिक द्वारा प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्ष को अनिवार्य करने का सुझाव दिया गया। मुख्यमंत्री ने इस पर सकारात्मक संकेत देते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य छात्र का सर्वांगीण विकास होना चाहिए।
उन्होंने विभाग को इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। साथ ही, पुलिस और अवैध कब्जों से जुड़े मामलों में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
बच्चों के साथ ‘हंसी-ठिठोली’ और आशीर्वाद
मुख्यमंत्री का एक कोमल पक्ष तब दिखा जब उन्होंने अभिभावकों के साथ आए छोटे बच्चों से बातचीत की। बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में पूछते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें चॉकलेट भेंट की।
उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, “मन लगाकर पढ़ो, खूब खेलो और खिलते रहो।” मुख्यमंत्री के इस अपनत्व भरे व्यवहार ने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया।



