दिल्ली जल बोर्ड में रिक्त पद भरे गए, सतीश उपाध्याय बने उपाध्यक्ष

Meta Description: दिल्ली जल बोर्ड में सतीश उपाध्याय को उपाध्यक्ष और तीन नए सदस्यों की नियुक्ति को एलजी ने मंजूरी दी। नई टीम के गठन से बोर्ड के प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद।

Share This Article:

नई दिल्ली। दिल्ली जल बोर्ड को नया नेतृत्व मिल गया है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली सरकार के शहरी विकास विभाग के प्रस्ताव पर दिल्ली जल बोर्ड में उपाध्यक्ष और तीन नए सदस्यों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।
जारी आदेश के अनुसार भाजपा नेता सतीश उपाध्याय को दिल्ली जल बोर्ड का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा विधायक मनोज कुमार शौकीन, विधायक अजय कुमार महावर और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड (डीसीबी) के प्रतिनिधि राजेश कुमार गोयल को बोर्ड का सदस्य नामित किया गया है।

दो वर्ष तक रहेगी अवधी

उपराज्यपाल कार्यालय के मुताबिक ये नियुक्तियां दिल्ली जल बोर्ड अधिनियम, 1998 की विभिन्न धाराओं के तहत की गई हैं। अधिनियम की धारा 3(2)(i) के तहत विधानसभा अध्यक्ष द्वारा किसी विधायक को उपाध्यक्ष नामित किए जाने का प्रावधान है। वहीं धारा 3(2)(iii) के अंतर्गत दो विधायकों को सदस्य बनाया जा सकता है, जबकि धारा 3(2)(xiii) के तहत दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के एक प्रतिनिधि को बोर्ड में शामिल किया जाता है।
नियुक्त किए गए सभी पदाधिकारियों का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से दो वर्ष तक रहेगा। गौरतलब है कि फरवरी 2025 में वर्तमान दिल्ली विधानसभा के गठन के बाद से दिल्ली जल बोर्ड में उपाध्यक्ष और सदस्यों के पद रिक्त थे।
नई नियुक्तियों के बाद दिल्ली जल बोर्ड के प्रशासनिक और नीतिगत कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। जलापूर्ति, सीवरेज प्रबंधन और बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं के क्रियान्वयन में भी इससे गति मिलने की संभावना है।

Shivangi Shukla

Shivangi.shukla95512@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.