नई दिल्ली: अपने पिता के निधन के एक दिन बाद भी निजी शोक और अंतिम संस्कार की व्यस्तताओं के बीच रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे की महत्वपूर्ण सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। फोन पर हुई इस समीक्षा में ‘लेवल क्रॉसिंग गेट सुरक्षा’ के विषय पर गहन विचार-विमर्श किया गया और उन्होंने इस संबंध में 11 महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
सभी LC गेटों पर CCTV कैमरे तथा रिकॉर्डिंग सिस्टम लगाए जाएं। बिजली की आपूर्ति की व्यवस्था सौर पैनल, बैटरी बैकअप, UPS के माध्यम से सुनिश्चित की जाए। यह कार्य मिशन मोड में पूरा किया जाए। सड़क यातायात के लिए बंद (Closeto Road Traffic) गेटों को सड़क यातायात के लिए खुले (Opento Road Traffic) गेटों में बदलने के लिए नीति की समीक्षा की जाएगी। LC गेटों के इंटरलॉकिंग कार्यों को मिशन मोड में त्वरित गति से पूरा किया जाएगा। रेलवे पीएसयू को इंटरलॉकिंग कार्यों और निर्माण कार्यों में शामिल किया जाएगा।
टीवीयू (TVU) की सीमा घटाई गई है
अब 10,000 TVU पर ही इंवटर लॉकिंग प्रारंभ की जाएगी (पहले यह सीमा 20,000 थी)। 10,000 TVU से अधिक वाले सभी गेटों पर ROB/RUB/LHS योजनाओं से भिन्न होकर भी इंटरलॉकिंग अनिवार्य होगी। गैर-इंटरलॉक गेटों पर प्रतिदिन दो यादृच्छिक आवाज रिकॉर्डिंग जांच प्रति डिवीजन की जाएगी।
गैर-इंटरलॉक गेटों पर वॉयस लॉगर सिस्टम की कार्यशीलता की पुष्टि सभी DRM द्वारा की जाएगी। सभी LC गेटों पर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड आदि को मानकीकृत किया जाएगा और आवश्यक सुधार किए जाएंगे। LC गेटों को समाप्त करने हेतु LHS/RUB/ROB निर्माण कार्यों को तेज़ किया जाएगा। उन गेटों की सूची तैयार की जाएगी जहां विवाद या जनता द्वारा दबाव/मारपीट की घटनाएं होती हैं। वहां RPF/होमगार्ड की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, ब्लॉक सेक्शनों में LC गेटों पर 15-दिवसीय सुरक्षा निरीक्षण अभियान भी शुरू कर दिया गया है।



