नई दिल्ली। यशराज फिल्म्स (YRF) के स्पाई यूनिवर्स की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘अल्फा’ (Alpha Review) आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। ‘टाइगर’, ‘वॉर’ और ‘पठान’ जैसी सुपरहिट फिल्मों के बाद इस बार स्पाई यूनिवर्स की कमान दो महिला एजेंटों—आलिया भट्ट और शरवरी—के हाथों में है। फिल्म बड़े पैमाने के एक्शन, हाई-टेक मिशन और शानदार विजुअल्स के दम पर दर्शकों को रोमांचक अनुभव देती है। हालांकि इसकी कहानी उतनी प्रभावशाली नहीं बन पाती, जितनी इसकी प्रस्तुति है।
कहानी

‘अल्फा’ एक हाई-प्रोफाइल स्पाई मिशन के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां देश की सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा खतरा सामने आता है। इस मिशन को अंजाम देने की जिम्मेदारी दो महिला एजेंटों पर होती है। मिशन के दौरान साजिश, धोखे, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और कई अप्रत्याशित मोड़ सामने आते हैं। फिल्म का पहला भाग तेज रफ्तार से आगे बढ़ता है, जबकि दूसरे भाग में कहानी कुछ धीमी पड़ जाती है। इसके बावजूद क्लाइमैक्स दर्शकों को संतोषजनक अनुभव देता है।
आलिया और शरवरी ने संभाली पूरी फिल्म

आलिया भट्ट इस फिल्म में अपने अब तक के सबसे अलग और चुनौतीपूर्ण किरदार में नजर आती हैं। एक्शन सीक्वेंस, गन फाइट और भावनात्मक दृश्यों में उनका प्रदर्शन प्रभावशाली है। उन्होंने साबित किया है कि वह बड़े बजट की एक्शन फिल्म को अपने दम पर संभाल सकती हैं।
वहीं शरवरी फिल्म की सबसे बड़ी सरप्राइज पैकेज साबित होती हैं। उनका आत्मविश्वास, स्क्रीन प्रेजेंस और एक्शन टाइमिंग उन्हें आलिया के बराबर खड़ा करती है। दोनों कलाकारों की केमिस्ट्री फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है।
एक्शन और तकनीकी पक्ष शानदार
अगर आप बड़े पर्दे पर हाई-ऑक्टेन एक्शन देखना पसंद करते हैं तो ‘अल्फा’ आपको निराश नहीं करेगी। फिल्म के स्टंट, चेज़ सीक्वेंस और कॉम्बैट सीन बड़े पैमाने पर फिल्माए गए हैं।
विदेशी लोकेशन, शानदार सिनेमैटोग्राफी, विजुअल इफेक्ट्स और दमदार बैकग्राउंड स्कोर फिल्म को इंटरनेशनल स्पाई थ्रिलर जैसा अनुभव देते हैं। निर्देशक शिव रवैल ने तकनीकी स्तर पर फिल्म को भव्य बनाने में काफी मेहनत की है।

बॉबी देओल और कैमियो का असर
बॉबी देओल सीमित स्क्रीन टाइम में भी प्रभाव छोड़ते हैं। उनका किरदार कहानी में दिलचस्प मोड़ लेकर आता है। वहीं अनिल कपूर और ऋतिक रोशन के कैमियो दर्शकों के लिए सरप्राइज हैं। हालांकि ऋतिक रोशन का स्क्रीन टाइम काफी कम है, जिससे उनके प्रशंसकों को थोड़ी निराशा हो सकती है।

फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी
फिल्म का सबसे कमजोर पक्ष इसकी पटकथा है। कई ट्विस्ट पहले से अनुमानित लगते हैं और दूसरे हाफ में कहानी की गति धीमी पड़ जाती है। कुछ भावनात्मक दृश्य भी दर्शकों से गहरा जुड़ाव नहीं बना पाते। यदि लेखन पर थोड़ा और काम किया गया होता तो ‘अल्फा’ स्पाई यूनिवर्स की सबसे मजबूत फिल्मों में शामिल हो सकती थी।
क्या अच्छा है?
आलिया भट्ट का नया एक्शन अवतार
आलिया भट्ट ने इस फिल्म में अपनी पारंपरिक इमेज से हटकर पूरी तरह एक्शन हीरो का किरदार निभाया है। गन फाइट, हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और हाई-रिस्क मिशन वाले दृश्यों में उनका आत्मविश्वास और फिटनेस प्रभावित करती है। भावनात्मक दृश्यों में भी उन्होंने अपने किरदार को मजबूती से निभाया है।
शरवरी की दमदार मौजूदगी
शरवरी फिल्म का सरप्राइज एलिमेंट हैं। उन्होंने सिर्फ आलिया का साथ ही नहीं दिया, बल्कि कई दृश्यों में बराबरी का प्रभाव छोड़ा है। उनका स्क्रीन प्रेजेंस, एक्शन और संवाद अदायगी फिल्म को अतिरिक्त ऊर्जा देते हैं।
हाई-ऑक्टेन एक्शन और विजुअल्स
फिल्म के एक्शन सीक्वेंस बड़े पैमाने पर फिल्माए गए हैं। विदेशी लोकेशन, स्टाइलिश चेज़, दमदार स्टंट और शानदार सिनेमैटोग्राफी इसे इंटरनेशनल स्पाई फिल्मों जैसा अनुभव देते हैं। बड़े पर्दे पर यह फिल्म तकनीकी रूप से बेहद प्रभावशाली नजर आती है।
बैकग्राउंड स्कोर और प्रोडक्शन वैल्यू
फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक हर महत्वपूर्ण दृश्य को और प्रभावशाली बनाता है। साथ ही सेट डिजाइन, विजुअल इफेक्ट्स और प्रोडक्शन क्वालिटी फिल्म की भव्यता को और बढ़ाते हैं।
क्या खटकता है?
कहानी में नवीनता की कमी
फिल्म का सबसे कमजोर पक्ष इसकी कहानी है। स्पाई थ्रिलर होने के बावजूद कई मोड़ पहले से अनुमानित लगते हैं। दर्शकों को चौंकाने वाले ट्विस्ट अपेक्षाकृत कम हैं, जिससे पटकथा कई जगह सामान्य महसूस होती है।
दूसरे हाफ की धीमी रफ्तार
इंटरवल के बाद फिल्म की गति थोड़ी धीमी पड़ जाती है। कुछ दृश्य लंबे लगते हैं और संपादन में थोड़ी कसावट होती तो फिल्म का प्रभाव और बेहतर हो सकता था।
विलेन का सीमित प्रभाव
बॉबी देओल अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हैं, लेकिन उनके किरदार को जितनी गहराई और स्क्रीन टाइम मिलना चाहिए था, उतना नहीं मिलता। इससे मुख्य प्रतिद्वंद्वी का प्रभाव पूरी तरह उभर नहीं पाता।
भावनात्मक पक्ष और बेहतर हो सकता था
फिल्म एक्शन के स्तर पर तो सफल रहती है, लेकिन भावनात्मक दृश्यों में वह गहराई नहीं दिखती जो दर्शकों को पात्रों से पूरी तरह जोड़ सके। अगर रिश्तों और भावनाओं पर थोड़ा और काम किया जाता, तो फिल्म का असर और अधिक मजबूत हो सकता था।
क्या आपको यह फिल्म देखनी चाहिए?
अगर आप YRF Spy Universe की फिल्मों के प्रशंसक हैं या बड़े पर्दे पर शानदार एक्शन, दमदार महिला किरदार और बेहतरीन विजुअल्स देखना चाहते हैं, तो ‘अल्फा’ आपके लिए अच्छी पसंद हो सकती है। हालांकि अगर आप पूरी तरह नई और बेहद मजबूत कहानी की उम्मीद लेकर जा रहे हैं, तो फिल्म कुछ जगहों पर आपको अधूरा महसूस करा सकती है।
New G India Verdict
‘अल्फा’ भारतीय स्पाई फिल्मों में महिला-केंद्रित एक्शन का दमदार अध्याय जोड़ती है। आलिया भट्ट और शरवरी का अभिनय, भव्य एक्शन और शानदार तकनीकी प्रस्तुति इसे बड़े पर्दे पर देखने लायक बनाते हैं। कहानी थोड़ी और सशक्त होती तो यह YRF Spy Universe की सबसे यादगार फिल्मों में शामिल हो सकती थी।
⭐⭐⭐⭐☆ (4/5)
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