डीएचएस ब्यूरो, नई दिल्ली। केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने केंद्रीय बजट 2026-27 को देश के समावेशी विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेश यह बजट भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को सशक्त आधार प्रदान करता है।

पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर में आयोजित व्यापारियों के विशेष सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि यह बजट विकास, तकनीक और आर्थिक स्थिरता के बीच संतुलन स्थापित करता है।
बुनियादी ढांचे और रोजगार पर खास फोकस : केंद्रीय बजट 2026-27
हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि बजट में पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है। इससे सड़क, रेल, आवास और शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।
इसके परिणामस्वरूप, आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

सेमीकंडक्टर और डिजिटल इंडिया को नई गति
मंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर मिशन ISM 2.0 के तहत भारत को चिप निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल की गई है।
इसके साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड टेक्नोलॉजी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से स्टार्टअप्स और युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे।
मध्यम वर्ग को कर राहत – केंद्रीय बजट 2026-27
उन्होंने बताया कि नई कर व्यवस्था के अंतर्गत 12.75 लाख रुपये तक की आय पर पूर्ण आयकर छूट दी गई है।
इससे न केवल मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी, बल्कि उपभोग और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी।
व्यापार और निवेश को मिलेगा प्रोत्साहन – केंद्रीय बजट 2026-27
इसके अलावा, देशभर में प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, बेहतर लॉजिस्टिक नेटवर्क और औद्योगिक नीतियां व्यापार और निवेश को नई दिशा देंगी।
सम्मेलन में उपस्थित व्यापारियों और भाजपा पदाधिकारियों ने बजट को देश की आर्थिक मजबूती के लिए सकारात्मक बताया।
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