नई दिल्ली। भारत एड्स को समाप्त करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। एचआईवी संक्रमण में 49% की कमी, जबकि एड्स से होने वाली मौतों में 81% की कमी दर्ज की गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा 1 दिसंबर, 2025 को विज्ञान भवन में विश्व एड्स दिवस 2025 के वार्षिक राष्ट्रीय समारोह का नेतृत्व करेंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत में एचआईवी/एड्स को सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में समाप्त करने की दिशा में राष्ट्रीय प्रयासों को और सशक्त करना है। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, नाको के शीर्ष प्रतिनिधि और स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक मौजूद रहेंगे, जो एचआईवी की रोकथाम, उपचार, देखभाल और भेदभाव उन्मूलन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करेंगे।
कार्यक्रम में HIV के साथ जीवन जी रहे लोग होंगे शामिल
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (एनएसीओ) द्वारा आयोजित समारोह में सरकारी प्रतिनिधि, विकास साझेदार, युवा प्रतिनिधि, एचआईवी के साथ जीवन जी रहे लोग, समुदाय आधारित संगठन और अग्रणी स्वास्थ्य कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम भारत के सामूहिक प्रयासों को प्रदर्शित करेगा, जिसका लक्ष्य एड्स को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में समाप्त करना है।
कार्यक्रम की शुरुआत युवाओं द्वारा एक फ्लैश प्रस्तुति से होगी, जिसमें जागरूकता, रोकथाम और जिम्मेदार व्यवहार का संदेश दिया जाएगा। इसके बाद विषयगत प्रदर्शनी का उद्घाटन होगा, जिसमें राष्ट्रीय एड्स एवं यौन संचारित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के डिजिटल नवाचार, उपलब्धियाँ और सामुदायिक मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। लाभार्थियों की प्रेरक कहानियों और दृश्य-श्रव्य सामग्री के माध्यम से एनएसीपी-5 के तहत भारत की प्रगति और भविष्य की प्राथमिकताओं को प्रस्तुत किया जाएगा।
इस समारोह का एक प्रमुख आकर्षण नाको की नई राष्ट्रीय मल्टीमीडिया अभियान श्रृंखला का शुभारंभ होगा। यह श्रृंखला तीन मुख्य आधार युवा एवं जागरूकता, माँ से बच्चे में एचआईवी संचरण का उन्मूलन और कलंक एवं भेदभाव समाप्त करने पर आधारित होगी। साथ ही “संकलक” का 7वां संस्करण, “भारत एचआईवी अनुमान 2025”, अनुसंधान संग्रह और आईटी-सक्षम वर्चुअल हस्तक्षेप लैंडिंग पृष्ठ जैसी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय रिपोर्टें भी जारी की जाएंगी। कार्यक्रम में एक लाइव संगीत प्रस्तुति भी शामिल होगी, जिसका संदेश होगा शीघ्र जांच, समय पर उपचार और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीना।
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एनएसीपी-5 के तहत भारत ने हाल के वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। एचआईवी जांच, उपचार और वायरल लोड टेस्टिंग में वृद्धि ने देश के एचआईवी नियंत्रण कार्यक्रम को अधिक मजबूत बनाया है। नीचे दी गई तालिका इस प्रगति का स्पष्ट विवरण प्रस्तुत करती है:-
भारत की एचआईवी/एड्स प्रगति – (NACP-5)
| प्रगति बिंदु | 2020-21 | 2024-25 | परिवर्तन |
|---|---|---|---|
| एचआईवी टेस्टिंग | 4.13 करोड़ | 6.62 करोड़ | 60% से अधिक वृद्धि |
| एआरटी उपचार पाने वाले पीएलएचआईवी | 14.94 लाख | 18.60 लाख | 3.66 लाख की वृद्धि |
| वायरल लोड टेस्ट | 8.90 लाख | 15.98 लाख | लगभग दोगुनी वृद्धि |
| 2010–2024 नए एचआईवी संक्रमण | — | — | 48.7% की कमी |
| 2010–2024 एड्स से मौत | — | — | 81.4% की गिरावट |
| माँ से बच्चे में संक्रमण | — | — | 74.6% की कमी |
इन उपलब्धियों से स्पष्ट होता है कि भारत ने एचआईवी/एड्स के खिलाफ लड़ाई में वैश्विक औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है। नए संक्रमण, एड्स से मौत और माँ से बच्चे में एचआईवी संक्रमण में भारी कमी से यह साबित होता है कि देश की रणनीतियां साक्ष्य आधारित, प्रभावी और सामुदायिक सहभागिता पर आधारित हैं। विश्व एड्स दिवस 2025 का यह आयोजन भारत के इस संकल्प को और मजबूत करेगा कि एड्स को समाप्त करने की दिशा में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।



