नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो गया है और यह 19 दिसंबर तक चलेगा। कुल 15 कार्यदिवसों वाले इस सत्र में सरकार कई बड़े आर्थिक और नीतिगत बदलावों की तैयारी कर रही है। सरकार की ओर से पेश किए जाने वाले 14 विधेयकों में से 7 प्रमुख बिल आम जनता से सीधे जुड़े हैं, जिनका असर अर्थव्यवस्था, शिक्षा व्यवस्था, बीमा क्षेत्र और ऊर्जा क्षेत्र पर व्यापक रूप से पड़ेगा। इन बिलों को सत्र के शुरुआती दिनों में पेश करने की योजना है।
सरकार का मानना है कि प्रस्तावित विधेयक राजस्व बढ़ाने, उद्योगों में सुगमता, निवेश आकर्षित करने और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा जैसे अहम उद्देश्यों को पूरा करेंगे। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अनुपूरक अनुदान मांगों का पहला सेट भी इसी सत्र में रखा जाएगा। आर्थिक नीतियों के लिहाज से यह सत्र बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
1. इंश्योरेंस कानून (संशोधन) विधेयक 2025
सबसे पहले बात करते हैं इंश्योरेंस कानून (संशोधन) विधेयक 2025 की। यह बिल बीमा क्षेत्र में बड़े सुधार लाने वाला है। इसके तहत बीमा कंपनियों में FDI सीमा 74% से बढ़ाकर 100% करने का प्रस्ताव है। इससे विदेशी निवेश बढ़ेगा, नई पॉलिसियां विकसित होंगी और ग्राहकों को अधिक विकल्प तथा बेहतर सेवाएं मिलेंगी। सरकार के मुताबिक बीमा क्षेत्र में अब तक 82,000 करोड़ रुपये का FDI आ चुका है।
2. सिगरेट, तंबाकू और पान मसाला पर नया सेस और सरचार्ज विधेयक
इसके बाद बड़ा बदलाव आएगा सिगरेट, तंबाकू और पान मसाला पर नया सेस और सरचार्ज विधेयक के जरिए। इस बिल में तंबाकू और संबंधित उत्पादों पर स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर लगाने का प्रस्ताव है, जो GST में लगने वाले पुराने उपकर की जगह लेगा। इससे स्वास्थ्य व सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के लिए अतिरिक्त राजस्व जुटाया जाएगा। फिलहाल इन उत्पादों पर 28% GST और कई तरह के उपकर लागू हैं।
3. जन विश्वास (संशोधन) विधेयक 2025
व्यापारियों और उद्योगों के लिए राहत देने वाला बिल है जन विश्वास (संशोधन) विधेयक 2025, जिसमें कई पुराने कानूनों से छोटे उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से बाहर लाने का प्रस्ताव है। इससे व्यापारियों पर अनावश्यक कानूनी बोझ कम होगा और व्यापार करने की प्रक्रिया आसान होगी।
4. दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक 2025
कंपनियों और बैंकों से जुड़े मामलों में सुधार लाने के लिए सरकार ला रही है दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक 2025। यह बिल दिवालिया कंपनियों की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने पर केंद्रित है। IBC-2016 में मौजूद देरी और अस्पष्टताओं को कम करके इसका उद्देश्य समाधान प्रक्रिया को तेज करना है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।
5. हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया (HECI) बिल 2025
शिक्षा क्षेत्र में सबसे बड़ा सुधार आएगा हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया (HECI) बिल 2025 से। इसके तहत UGC, AICTE और NCTE जैसी संस्थाओं को समाप्त कर एक ही राष्ट्रीय कमीशन बनाया जाएगा। यह उच्च शिक्षा प्रणाली को अधिक स्वतंत्रता, सरल नियम, बेहतर गुणवत्ता और आधुनिक पाठ्यक्रमों से लैस करेगा।
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6. राष्ट्रीय राजमार्ग (संशोधन) विधेयक 2025
सड़क और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में सुधारों को गति देने के लिए सरकार पेश कर रही है राष्ट्रीय राजमार्ग (संशोधन) विधेयक 2025। यह बिल भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाएगा। परियोजनाओं में देरी कम होगी और देश में सड़क नेटवर्क तथा कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार आएगा।
7. परमाणु ऊर्जा विधेयक 2025
सबसे बड़ा और ऐतिहासिक बदलावों की ओर बढ़ते हुए सरकार ला रही है परमाणु ऊर्जा विधेयक 2025। यह पहला ऐसा बिल होगा जो निजी कंपनियों को परमाणु ऊर्जा उत्पादन में प्रवेश की अनुमति देगा। अभी तक सभी परमाणु संयंत्र सरकारी संस्थाओं द्वारा संचालित होते हैं। इस बदलाव से देश की ऊर्जा क्षमता बढ़ेगी, आधुनिक तकनीक आएगी और घरेलू तथा विदेशी निवेश के नए अवसर खुलेंगे।



