नई दिल्ली | देश की राजनीति में इन दिनों नेताओं के दल बदलने की चर्चा तेज है। खासकर पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में कई नेताओं के पाला बदलने की खबरें सामने आई हैं। इसी बीच कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश का एक बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि जो नेता कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में चले गए हैं, उन्हें दोबारा पार्टी में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए नेताओं की वापसी पर विचार भी नहीं किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, ऐसे नेताओं को फिर से पार्टी में लेना कांग्रेस के लिए शर्मनाक होगा। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि यह उनका व्यक्तिगत विचार है, पार्टी का आधिकारिक रुख नहीं।
इन युवा नेताओं ने छोड़ी कांग्रेस
पिछले 12 वर्षों में ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद और मिलिंद देवड़ा समेत कई युवा नेताओं ने कांग्रेस का साथ छोड़कर बीजेपी का दामन थामा है। जब जयराम रमेश से पूछा गया कि क्या भविष्य में ऐसे नेताओं की कांग्रेस में वापसी हो सकती है, तो उन्होंने साफ कहा कि उन्हें दोबारा पार्टी में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
‘वापसी के बारे में सोचना भी शर्मनाक’
जयराम रमेश ने कहा कि वह किसी एक व्यक्ति की बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि उन सभी नेताओं की बात कर रहे हैं जिन्होंने पार्टी में पद और सुविधाएं हासिल करने के बाद कांग्रेस छोड़ दी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को वापस बुलाने के बारे में सोचना भी शर्मनाक होगा। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारतीय राजनीति में कुछ भी संभव है।
विचारधारा छोड़कर दूसरी पार्टी में गए
कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले 12 सालों में यह साफ हो गया है कि कौन नेता पार्टी की विचारधारा के साथ खड़ा रहा और कौन नहीं। उनके अनुसार, आज कांग्रेस में वही लोग बचे हैं जो पार्टी की सोच और सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
हालांकि जयराम रमेश ने किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन माना जा रहा है कि उनका इशारा ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद और मिलिंद देवड़ा जैसे नेताओं की ओर था।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कई युवा नेताओं ने कांग्रेस में महत्वपूर्ण पद और अवसर मिलने के बावजूद पार्टी छोड़ दी और ऐसी पार्टी में शामिल हो गए, जिसकी विचारधारा कांग्रेस से बिल्कुल अलग है। उनकी राय में ऐसे नेताओं को वापस नहीं लिया जाना चाहिए।
राहुल गांधी के करीबी माने जाते थे ये नेता
ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद और मिलिंद देवड़ा को कभी कांग्रेस के भविष्य के नेतृत्व के रूप में देखा जाता था। ये नेता गांधी परिवार और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के करीबी माने जाते थे। लेकिन समय के साथ इन सभी नेताओं ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का रुख कर लिया।
बीजेपी में शामिल होने के बाद इन नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। वहीं कुछ नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व और पार्टी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए।
जयराम रमेश ने कहा कि इन नेताओं का पार्टी छोड़ना इसलिए भी दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि कांग्रेस ने उन्हें संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां और आगे बढ़ने के अवसर दिए थे। इसके बावजूद उन्होंने ऐसी पार्टी को चुना जिसकी विचारधारा कांग्रेस से अलग है।



