नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी है। उच्च्तम न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई को आयोग की अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। जबकि प्रोफेसर पुलक घोष सदस्य (अंशकालिक) और आईएएस पंकज जैन को सदस्य-सचिव नियुक्त किया गया है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को बताया कि आयोग 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें पेश करेगा। जिसके 1 जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना है। आयोग की सिफारिशें रक्षा सेवा कर्मियों और लगभग 69 लाख पेंशनभोगियों सहित लगभग 50 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों को फायदा होगा।
जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई (पूर्व जज, सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया) इसके चेयरपर्सन होंगी। प्रोफेरस पुलक घोस (आईआईएम, बैंगलोर) इसके सदस्य (पार्ट टाइम) होंगे और पंकज जैन (सचिव, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस) सदस्य सचिव होंगे।
किसानों के लिए भी लिया बड़ा फैसला
केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए भी बड़ा फैसला लिया। रबी सीजन के लिए फर्टिलाइजर सब्सिडी में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई है। एनपीके फर्टिलाइजर्स के लिए पोषक तत्व आधारित सब्सिडी प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है। कैबिनेट ने 2025 रबी सीजन के लिए P&K फर्टिलाइजर के लिए 37,952 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंजूरी दी है।
नाइट्रोजन की कीमत 43.02 रुपये प्रति किलो होगी, फॉसफोरस 47.96 रुपयि प्रति किलो, पोटैश 2.38 रुपये प्रति किलो और सल्फर (Sulphur) 2.87 रुपये प्रति किलो होगी। नए दाम 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी होंगे।
केंद्रीय वेतन आयोगों का गठन समय-समय पर केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन ढांचे, सेवा शर्तों और सेवानिवृत्ति लाभों की समीक्षा के लिए किया जाता है। सामान्यतः इनकी अनुशंसाएं हर दस वर्ष में लागू की जाती हैं।
इस परंपरा के अनुसार, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होने की संभावना है। सरकार ने जनवरी 2025 में आयोग के गठन की घोषणा की थी ताकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन और अन्य लाभों में आवश्यक सुधार के लिए सुझाव दिए जा सकें।



