नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (President Droupadi Murmu) ने राज्यसभा (Rajysabha) के लिए चार विशिष्ट व्यक्तियों को नामित किया है। गृह मंत्रालय के अनुसार, ये चार लोग हैं, उज्ज्वल देवराज निकम, हर्ष वर्धन श्रृंगला, डॉ. मीनाक्षी जैन और सी. सदानंदन मास्टर। ये नामांकन संविधान के अनुच्छेद 80 (3) के तहत किए गए हैं, जो साहित्य, विज्ञान, कला और सामाजिक सेवा में विशेष योगदान देने वाले व्यक्तियों के लिए है। ये नियुक्तियां रिटायरमेंट के कारण खाली हुए पदों को भरने के लिए की गई हैं।
उज्ज्वल निकम: कानून के क्षेत्र में एक मजबूत आवाज
महाराष्ट्र के जलगांव से ताल्लुक रखने वाले उज्ज्वल निकम एक प्रसिद्ध वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जलगांव जिला अदालत में बतौर वकील की थी और बाद में सरकारी वकील बने। उनकी जिंदगी में बड़ा मोड़ तब आया जब उन्हें 1993 के मुंबई बम धमाकों के मामले में विशेष सरकारी वकील नियुक्त किया गया। इस केस में उनकी पैरवी ने 100 से अधिक अभियुक्तों को सजा दिलाई, जिसमें 12 को मृत्युदंड मिला।
इस दौरान उन्हें जेड-प्लस सुरक्षा भी दी गई थी। निकम ने 2008 के मुंबई हमले, गुलशन कुमार हत्या, खैरलांजी नरसंहार और प्रमोद महाजन हत्या जैसे कई बड़े मामलों में पैरवी की। 2016 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया। हाल ही में उन्होंने बीजेपी के टिकट पर 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा, हालांकि वे जीत नहीं सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी कानून और संविधान के प्रति निष्ठा की सराहना की और राज्यसभा में उनके योगदान की उम्मीद जताई।
हर्षवर्धन श्रृंगला: कूटनीति के दिग्गज
हर्षवर्धन श्रृंगला 1984 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी हैं, जिन्होंने लगभग चार दशकों तक भारत की कूटनीति को मजबूत किया। वे जनवरी 2020 से अप्रैल 2022 तक भारत के विदेश सचिव रहे। इस दौरान उन्होंने कोरोना महामारी, भारत-चीन सीमा विवाद और अफगानिस्तान संकट जैसे मुद्दों पर भारत की रणनीति को दिशा दी।
अमेरिका, बांग्लादेश और थाईलैंड में भारत के राजदूत रह चुके श्रृंगला ने 2023 में जी20 शिखर सम्मेलन के लिए भारत के मुख्य समन्वयक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुंबई में जन्मे श्रृंगला ने मेयो कॉलेज, अजमेर और सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली से शिक्षा प्राप्त की। वे हिंदी, अंग्रेजी, फ्रेंच, बंगाली, नेपाली और वियतनामी जैसी कई भाषाओं में पारंगत हैं। पीएम मोदी ने उनके कूटनीतिक योगदान की प्रशंसा की और राज्यसभा में उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
डॉ. मीनाक्षी जैन: इतिहास की विद्वान
डॉ. मीनाक्षी जैन एक प्रख्यात इतिहासकार और दिल्ली विश्वविद्यालय के गार्गी कॉलेज की पूर्व प्रोफेसर हैं। भारतीय इतिहास, संस्कृति और धार्मिक विषयों पर उनके शोध और लेखन को व्यापक सराहना मिली है। उनकी प्रमुख पुस्तकों में सती: एवैंजेलिकल्स, बैपटिस्ट मिशनरीज एंड द चेंजिंग कोलोनियल डिस्कोर्स, रामा एंड अयोध्या और द फ्लाइट ऑफ डिएटीज एंड रीबर्थ ऑफ टेम्पल्स शामिल हैं।
2014 में उन्हें इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च की सदस्यता मिली और 2020 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। पीएम मोदी ने उनकी अकादमिक उपलब्धियों को सराहा और कहा कि उनका राज्यसभा में नामांकन शिक्षा और इतिहास के क्षेत्र में उनके योगदान को और मजबूत करेगा।
सी. सदानंदन मास्टर: साहस और समर्पण की मिसाल
केरल के कन्नूर जिले के सी. सदानंदन मास्टर एक सेवानिवृत्त शिक्षक और बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं। 1994 में उन पर हुए जानलेवा हमले में उन्होंने अपने दोनों पैर खो दिए, लेकिन उनका हौसला कभी नहीं टूटा। कम्युनिस्ट पृष्ठभूमि से होने के बावजूद वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े। उन्होंने गुवाहाटी विश्वविद्यालय से बी.कॉम और कालीकट विश्वविद्यालय से बी.एड की डिग्री हासिल की।
शिक्षण के साथ-साथ वे नेशनल टीचर्स यूनियन, केरल के उपाध्यक्ष भी रहे। बीजेपी ने उन्हें 2016 और 2021 में कुथुपरम्बा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया। हाल ही में उन्हें केरल बीजेपी का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। पीएम मोदी ने उनके साहस, समाजसेवा और युवा सशक्तिकरण के प्रति समर्पण की प्रशंसा की।इन चारों व्यक्तियों का नामांकन उनके क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान को दर्शाता है, और उम्मीद है कि वे राज्यसभा में राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।



