नई दिल्ली: देश की सेना एक बार फिर अपने प्रदर्शन से दुश्मनों के पसीने छुड़ाने जा रही है। आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के 700 से अधिक सशस्त्र बल ‘ब्राइट स्टार 2025 अभ्यास’ में भाग लेंगे। इसमें देश की सेना का शौर्य, साहस और ताकत पूरी दुनिया देखेगी। इसके अलावा एआई, मशीन लर्निंग, क्वांटम और ड्रोन तकनीक से आने वाली चुनौतियों से निपटने की ताकत का पता लगाने के लिए इंडियन आर्मी टेरियर साइबर क्वेस्ट होने जा रहा है। वहीं, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने विशेष बल और एयरबोर्न व हेलीबोर्न संचालन के लिए संयुक्त सिद्धांतों का विमोचन किया है।
ब्राइट स्टार 2025 अभ्यास
28 अगस्त से 10 सितंबर 2025 बहुपक्षीय अभ्यास ‘ब्राइट स्टार 2025’ में 700 से अधिक सशस्त्र बल हिस्सा लेंगे। इनमें तीनों सेना लाइव फायरिंग के जरिये भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमता दिखेगी। संयुक्त योजना, निर्णय लेने और परिचालन समन्वय को बेहतर बनाने के लिए कमांड पोस्ट अभ्यास होगा। तीनों सेनाओं की ओर से आधुनिक युद्ध के विभिन्न पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए लघु प्रशिक्षण अभ्यास होगा। समकालीन सैन्य अभियानों के विभिन्न क्षेत्रों पर विषय-वस्तु विशेषज्ञों के साथ बातचीत।
क्या है यह अभ्यास
इस अभ्यास में भारतीय सशस्त्र बलों की भागीदारी क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और सुरक्षा के प्रति देश की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। साथ ही मित्र देशों के साथ संयुक्तता, अंतर-संचालन और सहयोग को बढ़ाती है। ब्राइट स्टार अभ्यास मिस्र की ओर से अमेरिका के साथ मिलकर वर्ष 1980 से आयोजित एक बहुपक्षीय अभ्यास है। इसमें सबसे बड़े त्रि-सेवा बहुपक्षीय अभ्यासों में से एक है। यह अभ्यास प्रत्येक दो वर्ष में आयोजित किया जाता है जिसका पिछला अभ्यास 2023 में हुआ था, जिसमें भारत सहित कई देशों ने अपने सैनिकों के साथ भाग लिया था।
विशेष बलों के संचालन और एयरबोर्न एवं हेलीबोर्न अभियानों के लिए संयुक्त सिद्धांत जारी
सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने मध्य प्रदेश के डॉ. अंबेडकर नगर स्थित आर्मी वॉर कॉलेज में आयोजित त्रि-सेवा सेमिनार ‘रण संवाद’ के दौरान विशेष बल और एयरबोर्न एवं हेलीबोर्न संचालन के लिए संयुक्त सिद्धांतों का विमोचन किया। तीनों सेनाओं की सक्रिय भागीदारी से एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय के डॉक्ट्रिन डायरेक्टरेट के तत्वावधान में तैयार किए गए ये सिद्धांत विशेष बल मिशनों और हवाई अभियानों के संचालन के लिए मार्गदर्शन, परिचालन अवधारणाओं और अंतर-संचालन ढांचे को निर्धारित करेंगे। सीडीएस ने कहा कि तीनों सेनाओं की पेशेवराना अंदाज, अनुकूलनीयता और परस्पर जुड़ाव को लेकर उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की तथा कहा कि ये सिद्धांत उभरते युद्धक्षेत्र में योजनाकारों, कमांडरों और ऑपरेटरों के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ के रूप में काम करेंगे।इन सिद्धांतों का प्रकाशन संयुक्त परिचालन क्षमता को बढ़ाने, सभी सेनाओं में तालमेल लाने और उभरती सुरक्षा चुनौतियों का सटीकता और दृढ़ता के साथ सामना करने की तत्परता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
साइबर चुनौतियों से निपटने की युवाओं की क्षमता आंकेगी सेना
भारतीय सेना टेरिटरियल आर्मी परिवर्तन के दशक के भाग के रूप में आईआईटी मद्रास, भारतीय सेना अनुसंधान प्रकोष्ठ (आईएआरसी) और साइबरपीस के सहयोग से भारतीय सेना टेरियर साइबर क्वेस्ट 2025 का आयोजन कर रही है। इसमें वास्तविक सुरक्षा और साइबर सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर की चुनौती होगी, जिससे पता चलेगा कि इससे निटपने के लिए देश के युवाओं में कितनी क्षमता है। साइबर क्वेस्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल), क्वांटम कंप्यूटिंग और ड्रोन प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार व सहयोग को बढ़ावा देगा।
इस प्रतियोगिता में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का उपयोग करके भारत के लिए सशक्त रक्षा प्रणालियां बनाने की दो प्रमुख चुनौतियां शामिल हैं।
ट्रैक वन: बग हंटिंग चैलेंज- यह एक उच्च स्तरीय साइबर सुरक्षा हैकथॉन है, जिसका समापन बॉस लिनक्स सिस्टम पर 36 घंटे के लाइव बग हंट के साथ होगा। फाइनलिस्ट भारतीय सेना के सानिध्य में ऑपरेटिंग सिस्टम स्तर की कमजोरियों को उजागर करेंगे, जिससे राष्ट्र के लिए मजबूत प्रणाली बनाने में मदद मिलेगी।
ट्रैक टू: डेटाथॉन – यह एक डेटा-केंद्रित चुनौती है, जिसे प्रतिभागियों द्वारा रक्षा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सशक्त तकनीकी पेश करने की क्षमता का परीक्षण करने हेतु तैयार किया गया है। 2025 का फोकस बड़े पैमाने के डेटासेट का उपयोग करके पूर्वानुमानित खतरे की खुफिया जानकारी और विसंगति का पता लगाने पर है।
कार्यक्रम का विवरण
- पंजीकरण: 23 जुलाई – 7 सितंबर 2025
- प्रारंभिक दौर: 8 – 17 सितंबर 2025
- ग्रैंड फिनाले: 24 – 26 सितंबर 2025
- पुरस्कार समारोह: 7 अक्टूबर 2025
विजेताओं को सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी सम्मानित करेंगे। इच्छुक प्रतिभागी भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण करा सकते हैं। विंडो आने वाली 07 सितंबर तक खुली रहेगी।



