नई दिल्ली: एक नई पहल करते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के साथ हाथ मिलाया है। इसका मकसद स्कूली बच्चों की आधार से संबंधित अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) की स्थिति यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस (यूडीआईएसई+) एप्लीकेशन पर उपलब्ध कराना है। इससे करोड़ों छात्र व छात्राओं को सहूलियत होगी।
17 करोड़ आधार नंबर में बायोमेट्रिक्स अपडेट नहीं
5 से 15 वर्ष तक के बच्चों के लिए आधार में एमबीयू का समय पर पूरा होना अनिवार्य है। आधार में बच्चों के बायोमेट्रिक डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। लगभग 17 करोड़ आधार नंबर ऐसे हैं जिनमें अनिवार्य बायोमेट्रिक्स अपडेट लंबित हैं।
क्यों जरूरी है बायोमेट्रिक्स अपडेट
आधार में बायोमेट्रिक्स अपडेट करना बच्चे के लिए ज़रूरी है। बिना इस अपडेशन के सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा नीट, जी, सीयूईटी जैसी प्रतियोगी और विश्वविद्यालय परीक्षाओं में पंजीकरण करने में भी दिक्कत हो सकती है। इस संबंध में यूआईडीएआई के सीईओ भुवनेश कुमार ने राज्यों के सभी मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर इस पहल से अवगत कराया है।
लगेगा कैंप
यूआईडीएआई के सीईओ ने अपने पत्र में लिखा है कि पहले विचार था कि स्कूलों के माध्यम से एक कैंप आयोजित करने से लंबित एमबीयू को पूरा करने में मदद मिल सकती है। मुख्य प्रश्न यह था कि स्कूलों को कैसे पता चलेगा कि किन छात्रों ने बायोमेट्रिक अपडेट नहीं किए हैं। यूआईडीएआई और भारत सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की तकनीकी टीमों ने यूडीआईएसई+ एप्लिकेशन के माध्यम से समाधान को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए मिलकर काम किया है। अब सभी स्कूलों को लंबित एमबीयू की जानकारी मिल सकेगी”।
क्या है यूडीआईएसई+
शिक्षा के लिए एकीकृत जिला सूचना प्रणाली प्लस (यूडीआईएसई+) स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के अंतर्गत एक शैक्षिक प्रबंधन सूचना प्रणाली है और यह स्कूली शिक्षा से संबंधित विभिन्न आंकड़े एकत्र करती है। यूआईडीएआई और स्कूली शिक्षा विभाग की इस संयुक्त पहल से बच्चों के बायोमेट्रिक्स को अपडेट करने में आसानी होने की उम्मीद है।



