नई दिल्ली: देश में 6G नेटवर्क का रोडमैप तैयार हो गया। यह 5G से भी तेज होगा। इसकी स्पीड तेज होने के साथ-साथ संचार और संवेदन क्षमताओं का एकीकरण, टरेस्ट्रीअल और गैर-टरेस्ट्रीअल नेटवर्क के माध्यम से निर्बाध कवरेज मिलेगी। AI-नेटिव नेटवर्क भी इसमें शामिल होंगे।
दरअसल, इंटरनेशनल टेलिकम्युनिकेशन यूनियन रेडियो कम्युनिकेशन सेक्टर ( ITU-R) के एक फ्रेमवर्क में इसका रोडमैप तैयार किया गया।
सरकार ने मार्च 2023 में भारत 6G विजन दस्तावेज जारी किया जिसका उद्देश्य 6G नेटवर्क तकनीकों को डिज़ाइन, विकसित और लागू करना है जो दुनिया को उच्च-गुणवत्ता वाले जीवन अनुभव के लिए सर्वव्यापी इन्टेलिजन्ट और सुरक्षित कनेक्टिविटी मुहैया कराए। इससे 2030 तक भारत 6G तकनीक में अन्य देशों के मुकाबले आगे निकल सकेगा।
5G प्रयोगशालाएं
क्षमता बढ़ाने और देश में 6G के लिए तैयार शैक्षणिक और स्टार्टअप के इकोसिस्टम बनाने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में 100 5G प्रयोगशालाएं लगाई गई हैं।
दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास निधि (टीटीडीएफ)
यह योजना 1 अक्टूबर 2022 को शुरू की गई। इसका उद्देश्य 6G सहित दूरसंचार प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) और नवाचार को वित्तीय मदद पहुंचाना है। इसके अलावा भारत में दूरसंचार इकोसिस्टम को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा जगत, स्टार्ट-अप्स, एमएसएमई, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है। टीटीडीएफ योजना के तहत करीब 275 करोड़ रुपये की 6जी प्रौद्योगिकी से संबंधित कुल 104 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है।
भारत 6जी एलायंस की स्थापना
भारत 6जी विजन के अनुसार कार्य योजना विकसित करने हेतु घरेलू उद्योग, शिक्षा जगत, राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों और मानक संगठनों का एक गठबंधन है। इसने 6जी वायरलेस प्रौद्योगिकियों के विकास हेतु वैश्विक सहयोग बढ़ाने हेतु अग्रणी वैश्विक 6जी गठबंधनों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
एनएम-आईसीपीएस
राष्ट्रीय अंतःविषय साइबर-भौतिक प्रणाली मिशन (एनएम-आईसीपीएस) के एक भाग के रूप में अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, बैंगलोर (आईआईआईटी बैंगलोर) की ओर से संचालित आईआईआईटीबी-कॉमेट फाउंडेशन में एक प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र (टीआईएच) की स्थापना की गई है। यह टीआईएच “उन्नत संचार प्रणाली” प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित है, जो वर्तमान में रेकॉन्फ़िगराबले इंटेलीजेंट सरफेस (आरआईएस) और उन्नत ओ-आरएएन मैसिव एमआईएमओ प्रणालियों जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य भविष्य के 6जी नेटवर्क में कवरेज, क्षमता और एकीकृत संवेदन क्षमताओं को बढ़ाना है।



