नई दिल्ली। अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान की सरकारी टेलीविजन चैनल ने एक बेहद विवादित फुटेज प्रसारित किया है। इस फुटेज में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर गोली चलाए जाने का दृश्य दिखाया गया है। यह वीडियो वर्ष 2024 का है, जब ट्रंप पेंसिल्वेनिया में चुनाव प्रचार के दौरान एक हमले में घायल हो गए थे। उस दौरान गोली उनके कान के पास से गुज़री थी और वे बाल-बाल बच गए थे।
कैप्शन ने बढ़ाया तनाव
ईरानी सरकारी टीवी ने इस फुटेज के साथ एक भड़काऊ कैप्शन भी चलाया, जिसमें कहा गया कि इस बार गोली निशाने से नहीं चूकने वाली है। इस संदेश को ट्रंप के खिलाफ सीधी धमकी के तौर पर देखा जा रहा है। वीडियो और कैप्शन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी कड़ी आलोचना हो रही है।
ईरान कई बार कर चुका हत्या की कोशिश
जुलाई 2025 में अमेरिका के वरिष्ठ पत्रकार टकर कार्लसन को दिए एक इंटरव्यू में रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज ने बड़ा दावा किया था। उन्होंने कहा था कि ईरान कई बार डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कोशिश कर चुका है।क्रूज के मुताबिक, ईरान अमेरिका के राष्ट्रपति को निशाना बनाकर यह संदेश देना चाहता है कि तेहरान के पंजे से कोई भी सुरक्षित नहीं है।
ट्रंप की चेतावनी
टेड क्रूज के बयान से पहले फरवरी 2025 में खुद डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाया था। ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान उनकी हत्या करता है, तो उन्होंने पहले ही ईरानी राज्य के पूर्ण विनाश का आदेश दे रखा है।इस बयान को ट्रंप की अब तक की सबसे सख्त चेतावनियों में गिना गया।
ईरान में महंगाई को लेकर देशव्यापी विरोध
दूसरी ओर, ईरान के भीतर हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। बढ़ती महंगाई और खराब आर्थिक स्थिति को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। लोग सड़कों पर उतरकर सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।सरकार ने इन प्रदर्शनों को दबाने के लिए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
कार्रवाई करेगा अमेरिका
ईरान में हो रहे विरोध और संभावित सरकारी कार्रवाई पर ट्रंप ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अगर ईरान अपनी जनता पर सख्त कार्रवाई करता है, तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा।ट्रंप के अनुसार, ईरान में हो रहे अत्याचारों को हम अनदेखा नहीं कर सकते।
अमेरिका-इजराइल की हाईलेवल मीटिंग्स
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ईरान पर संभावित हमले को लेकर वाशिंगटन से लेकर तेल अवीव तक कई दौर की उच्चस्तरीय बैठकें हो चुकी हैं।जून 2025 में भी अमेरिका और इजराइल ने ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को लेकर संयुक्त रूप से सैन्य कार्रवाई की थी।



