नई दिल्ली: कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान और ‘नाराजगी’ की खबरों के बीच तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद थरूर ने एक तस्वीर साझा करते हुए स्पष्ट किया कि पार्टी नेतृत्व और उनके बीच सब कुछ ठीक है और वे सभी देश सेवा के लिए एकजुट हैं।
शशि थरूर ने एक्स (X) पर लिखा, “आज विभिन्न विषयों पर गर्मजोशी भरी और रचनात्मक चर्चा के लिए अध्यक्ष खड़गे जी और राहुल गांधी जी का धन्यवाद। भारत के लोगों की सेवा में आगे बढ़ते हुए हम सभी ‘एक ही पेज’ (On the same page) पर हैं।”
Thanks to @INCIndia President @kharge ji and LS LoP @RahulGandhi ji for a warm and constructive discussion today on a wide range of subjects. We are all on the same page as we move forward in the service of the people of India. pic.twitter.com/T5l8jqkhUT
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) January 29, 2026
विवाद की जड़: कोच्चि में ‘अनदेखी’
यह मुलाकात इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से थरूर के पार्टी से नाराज होने की खबरें मीडिया में छाई हुई थीं।
- क्या था विवाद: 19 जनवरी को केरल के कोच्चि में एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने मंच पर बैठे 12 वरिष्ठ नेताओं का नाम लिया, लेकिन उसी पंक्ति में बैठे थरूर का नाम नहीं लिया। इसे थरूर की ‘अनदेखी’ के तौर पर देखा गया।
- बैठकों से दूरी: इसके बाद थरूर ने केरल विधानसभा चुनाव के लिए खड़गे के आवास पर हुई ‘ब्रेनस्टॉर्मिंग’ बैठक और संसदीय रणनीति समूह की बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया था।
‘अपने नेता से मिलना कोई असामान्य बात नहीं’
गुरुवार सुबह जब मीडिया ने थरूर से मुलाकात के बारे में पूछा था, तो उन्होंने चुटीले अंदाज में कहा, “जब मुलाकात होगी, मैं आपको बता दूँगा। अपने ही पार्टी नेता से मिलने में असामान्य क्या है? कम ऑन!” थरूर ने स्पष्ट किया कि उनकी पिछली अनुपस्थिति ‘नाराजगी’ नहीं बल्कि पूर्व-निर्धारित प्रतिबद्धताओं के कारण थी। वे कोझिकोड और दुबई में साहित्य उत्सवों (Literature Festivals) में हिस्सा ले रहे थे, जिसकी सूचना उन्होंने पहले ही पार्टी आलाकमान को दे दी थी।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर बेबाक रुख
साहित्य उत्सव के दौरान थरूर ने यह भी कहा था कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अपने रुख को लेकर ‘बिना किसी पछतावे’ (Unapologetic) के साथ खड़े हैं। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ केंद्र सरकार के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे कदमों का समर्थन किया था, जिसे लेकर पार्टी के भीतर कुछ लोग असहज थे। हालांकि, उन्होंने दोहराया कि उन्होंने कभी भी संसद में कांग्रेस के आधिकारिक स्टैंड का उल्लंघन नहीं किया है।
इस मुलाकात और थरूर के बयान के बाद अब कांग्रेस खेमे में ‘ऑल इज वेल’ का संदेश देने की कोशिश की गई है, खासकर आगामी बजट सत्र और केरल चुनावों को देखते हुए।



