नई दिल्ली: अगर आप ईएमआई पर टीवी-फ्रिज जैसे अन्य इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स खरीदने के शौक़ीन हैं तो सावधान हो जाइये। कई लोग EMI पर सामान खरीद तो लेते हैं लेकिन उसका लोन नहीं चुकता करते। ऐसे लोगों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक नया और सख्त नियम लेकर आने वाला है। इस नियम के तहत मोबाइल, टीवी, वाशिंग मशीन, फ्रिज जैसे प्रोडक्ट्स लिए कर्जों की वसूली को आसान बनाया जाएगा। RBI इसे लेकर बैंकों और वित्तीय संस्थानों से चर्चा कर रही है।
बदलनी होगी लोन श्रेणी
फ़ोन, लैपटॉप या इसी तरह की चीज़ें खरीदने के लिए दिए जाने वाले लोन बिना किसी ज़मानत के होते हैं। यानी ग्राहक को इनके बदले कोई संपत्ति गिरवी रखने की ज़रूरत नहीं होती। इनकी ब्याज दर सिर्फ़ 14-16% होती है। इसलिए, अगर नई व्यवस्था लागू होती है, तो ये लोन सुरक्षित लोन (जैसे होम लोन और ऑटो लोन) की श्रेणी में आ जाएंगे। इसलिए, बैंकों को यह अधिकार देने से पहले, ऐसे लोन की श्रेणी बदलनी होगी और ब्याज दरें भी कम करनी होंगी।
रिमोटली लॉक होगा सिस्टम
RBI जिस व्यवस्था को लागू करने के लिए विचाररत है, वह मुख्य रूप से छोटे उपभोक्ता लोन (जैसे मोबाइल फ़ोन, स्मार्ट टीवी, वाशिंग मशीन और इलेक्ट्रॉनिक्स) पर लागू होगी। इस नई व्यवस्था के तहत, EMI पर खरीदे गए उत्पादों में एक ऐप या सॉफ़्टवेयर पहले से इंस्टॉल होगा जिससे ग्राहक द्वारा किस्त न चुकाने पर उत्पाद को रिमोटली लॉक किया जा सकेगा।
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होंगे ये फायदे
डिफ़ॉल्ट के मामले कम होंगे। ऋणदाताओं का भरोसा बढ़ेगा और कमज़ोर क्रेडिट वाले लोगों को भी उत्पाद खरीदने का मौका मिलेगा। होम क्रेडिट फ़ाइनेंस द्वारा 2024 में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, एक-तिहाई से ज़्यादा उपभोक्ता EMI पर इलेक्ट्रॉनिक्स, खासकर मोबाइल फ़ोन, खरीदते हैं। वर्तमान में देश में 1.16 अरब से अधिक मोबाइल कनेक्शन हैं।



