नई दिल्ली: यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे ने सभी डिब्बों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। इससे ट्रेनों में महिलाओं की सुरक्षा, चोरी-डकैती पर अंकुश लग सकेगा और आपराधिक घटनाओं में कमी आएगी। रेलवे यात्रियों की निजता बनाए रखने के लिए दरवाजों के पास सामान्य आवागमन क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाएगा। प्रत्येक डिब्बों में चार कैमरे एवं इंजन में छह कैमरे होंगे। उत्तर रेलवे के कुछ इंजनों एवं डिब्बों में इसका परीक्षण किया जा चुका है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव एवं रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कार्य की प्रगति की समीक्षा की।
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रेलवे अधिकारियों ने बताया कि उत्तर रेलवे के लोको इंजन और डिब्बों में सफल परीक्षण किए जा चुके हैं। केंद्रीय रेल मंत्री ने सभी 74,000 डिब्बों और 15,000 इंजनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की अनुमति दे दी है। प्रत्येक रेलवे डिब्बे में 4 डोम सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। प्रत्येक प्रवेश मार्ग पर 2 और प्रत्येक इंजन में 6 सीसीटीवी कैमरे होंगे। इनमें इंजन के आगे, पीछे और दोनों तरफ 1-1 कैमरा शामिल है। प्रत्येक कैब (आगे और पीछे) में 1 डोम सीसीटीवी कैमरा और डेस्क पर 2 माइक्रोफोन लगाए जाएंगे।
उच्चगुणवत्ता वाले होंगे सीसीटीवी कैमरा
अधिकारियों ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि सीसीटीवी कैमरे नवीनतम मानकों वाले होंगे और एसटीक्यूसी प्रमाणित होंगे। केंद्रीय रेल मंत्री ने सर्वश्रेष्ठ उपकरणों को इस्तेमाल करने पर जोर दिया। उन्होंने रेलवे अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि 100 किमी प्रति घंटे से अधिक गति और कम रोशनी की स्थिति में चलने वाली ट्रेनों में उच्च गुणवत्ता वाले फुटेज उपलब्ध हों। केंद्रीय रेल मंत्री ने अधिकारियों को इंडिया एआई मिशन के सहयोग से सीसीटीवी कैमरों द्वारा लिए गए डेटा पर एआई के उपयोग का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित किया।
डेटा गोपनीयता मूल में
अधिकारी बताते हैं कि डिब्बों के सामान्य आवागमन क्षेत्रों में कैमरे लगाने का मकसद यात्रियों की सुरक्षा और संरक्षा में सुधार लाना है। निजता का ध्यान रखते हुए यह कैमरे शरारती तत्वों की पहचान करने में भी मदद करेंगे। भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण के प्रयास, सुरक्षित, संरक्षित और यात्री-अनुकूल यात्रा अनुभव के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।



