नई दिल्ली | दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री डॉ. नरेन्द्र नाथ ने भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे द्वारा लोकसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विरुद्ध दिए गए नोटिस पर प्रहार किया है।
उन्होंने इस कदम को ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार देते हुए बीजेपी सरकार और उनके ‘चहेते’ सांसद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने की साजिश: डॉ. नाथ
डॉ. नरेन्द्र नाथ ने कहा कि निशिकांत दुबे द्वारा लाया गया यह प्रस्ताव, जिसमें राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द करने और उन पर आजीवन चुनाव लड़ने की रोक लगाने की मांग की गई है, पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी विदेश जाकर सरकार की आलोचना करते हैं।
इस पर पलटवार करते हुए डॉ. नाथ ने कहा, “यह लोकतंत्र की हत्या नहीं तो और क्या है? जब राहुल गांधी संसद में जनता की आवाज उठाते हैं, तो सत्ता पक्ष के सांसद टोकाटाकी कर उन्हें बोलने नहीं देते।”
नेहरू और इंदिरा गांधी का अपमान बर्दाश्त नहीं
पूर्व मंत्री ने निशिकांत दुबे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस व्यक्ति ने स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री स्व. पंडित जवाहरलाल नेहरू और ‘आयरन लेडी’ स्व. इंदिरा गांधी के चरित्र पर उंगलियां उठाकर उनके सम्मान को ठेस पहुंचाई है, उसे सदन में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि निशिकांत दुबे द्वारा महापुरुषों के खिलाफ की गई टिप्पणियां घोर आपत्तिजनक और निंदनीय हैं।
सदस्यता रद्द करने की मांग
डॉ. नरेन्द्र नाथ ने कांग्रेस के वरिष्ठ सांसदों से अपील की है कि वे निशिकांत दुबे के खिलाफ भी सदन में इसी प्रकार का एक विशिष्ट प्रस्ताव लाएं। उन्होंने मांग की है कि:
- सांसद निशिकांत दुबे की लोकसभा सदस्यता तत्काल रद्द की जाए।
- देश के महान नेताओं के अपमान के लिए उन पर आजीवन चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगाई जाए।
डॉ. नाथ ने अपने बयान का समापन “जैसे को तैसा” के नारे के साथ करते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिशों का डटकर मुकाबला किया जाएगा।



