नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे का आज दूसरा और अंतिम दिन है। पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच आज कई महत्वपूर्ण बैठकें होंगी, जिसके बाद पुतिन देर रात रूस के लिए रवाना हो जाएंगे। पुतिन 4 दिसंबर की रात दिल्ली पहुंचे थे, जहां प्रधानमंत्री मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। यह स्वागत दोनों देशों के बीच मजबूत और भरोसेमंद रिश्तों का प्रतीक माना जा रहा है।
Presented a copy of the Gita in Russian to President Putin. The teachings of the Gita give inspiration to millions across the world.@KremlinRussia_E pic.twitter.com/D2zczJXkU2
— Narendra Modi (@narendramodi) December 4, 2025
राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत
आज सुबह राष्ट्रपति भवन में पुतिन का औपचारिक स्वागत किया गया, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना, सीडीएस जनरल अनिल चौहान समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
Welcomed my friend, President Putin to 7, Lok Kalyan Marg.@KremlinRussia_E pic.twitter.com/2L7AZ1WIph
— Narendra Modi (@narendramodi) December 4, 2025
पुतिन का दिनभर का शेड्यूल
आज पुतिन का पूरा दिन भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने वाली बैठकों से भरा रहेगा। सुबह राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत के बाद 11 बजे हैदराबाद हाउस में भारत-रूस शिखर वार्ता होगी। इसके बाद दोपहर 4 बजे पुतिन भारत-रूस बिजनेस फोरम को संबोधित करेंगे। इसके अतिरिक्त यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर एक महत्वपूर्ण बैठक भी निर्धारित है। शाम 7 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पुतिन के सम्मान में राजकीय भोज देंगी। कार्यक्रमों के समापन के बाद पुतिन देर रात रूस के लिए प्रस्थान करेंगे।
नई दिशा में आगे बढ़ रहे भारत-रूस संबंध
BRICS+एनालिटिक्स के फाउंडर और रशियन इंटरनेशनल अफेयर्स काउंसिल (RIAC) के सदस्य यारोस्लाव लिसोवोलिक ने भारत-रूस संबंधों को बेहद सकारात्मक बताते हुए कहा कि यह रिश्ता सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार वैश्विक परिस्थितियों में लगातार बदलावों के बावजूद दोनों देशों का सहयोग मजबूत होता गया है। उन्होंने कहा कि यह समिट न केवल द्विपक्षीय संबंधों बल्कि ग्लोबल साउथ और BRICS के लिए भी नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।
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भारत-रूस के बीच आर्थिक और रक्षा सहयोग अहम
भारत और रूस के बीच रक्षा और आर्थिक सहयोग इस यात्रा का अहम केंद्र बिंदु है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच होने वाली बैठकों में मुक्त व्यापार समझौते, रूसी सेना में भर्ती भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी, नागरिक परमाणु ऊर्जा सहयोग और रक्षा क्षेत्र में संयुक्त उत्पादन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की संभावना है। विशेषज्ञ मानते हैं कि पुतिन की यह यात्रा भारत-रूस साझेदारी को नई गति देने में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।




