नई दिल्ली। किसानों के लिए अच्छी खबर है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में दो बड़े बदलाव किए हैं। अब जंगली जानवरों (जैसे जंगली सूअर, नीले बैल, हाथी, बंदर) से होने वाली फसल की बर्बादी और धान की फसल में लंबे समय तक जलभराव को भी बीमा कवर मिलेगा।
जंगली जानवरों की समस्या से सबसे ज्यादा परेशान राज्यों को राहत
देश के कई इलाकों में किसान साल भर जंगली जानवरों से परेशान रहते हैं। खेत में तैयार फसल को रातों-रात जंगली सूअर या हाथी बर्बाद कर देते हैं, लेकिन पहले PMFBY में इसका कोई प्रावधान नहीं था। अब सरकार ने इसे स्थानीय आपदा मानते हुए योजना में शामिल कर लिया है। इससे सबसे ज्यादा फायदा ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तर-पूर्वी राज्यों (असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, सिक्किम। और अरुणाचल प्रदेश) के किसानों को होगा।
धान के जलभराव को फिर से शामिल किया गया
बारिश के मौसम में तटीय और बाढ़ प्रभावित इलाकों में धान की फसल कई-कई दिन पानी में डूबी रहती है, जिससे पूरा खेत बर्बाद हो जाता है। पहले यह जलभराव भी योजना में था, लेकिन बाद में हटा दिया गया था। अब एक बार फिर इसे स्थानीयकृत आपदा की श्रेणी में डाल दिया गया है। इससे ओडिशा, असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तराखंड जैसे राज्यों के धान किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
तकनीक से तेज होगा दावा निपटारा
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को मंजूरी दी है। अब स्थानीय स्तर पर फसल नुकसान का आकलन ड्रोन, सैटेलाइट और मोबाइल ऐप के जरिए किया जाएगा, जिससे किसानों को कुछ ही हफ्तों में दावा राशि मिल सकेगी। पहले इसमें महीनों लग जाते थे।
योजना अब और मजबूत व समावेशी
इन दोनों नए प्रावधानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पहले से कहीं अधिक किसान-हितैषी बन गई है। सरकार का कहना है कि अब हर तरह के प्राकृतिक और स्थानीय जोखिम से किसान को सुरक्षा मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे लाखों छोटे-मझोले किसानों का भरोसा योजना पर बढ़ेगा और वे बेझिझक फसल बीमा करवाएंगे। यह बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है और खरीफ 2025 सीजन से किसानों को इसका पूरा लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।



